19 साल के लड़के का आविष्कार, महिलाओं की सुरक्षा को बनाई ‘स्टन गन’, छूते ही…

19 साल के लड़के का आविष्कार, महिलाओं की सुरक्षा को बनाई ‘स्टन गन’, छूते ही…


खंडवा. महिलाओं की सुरक्षा को लेकर देशभर में लगातार सवाल उठते रहते हैं. आए दिन छेड़खानी और बदसलूकी की घटनाएं सामने आती हैं. कई बार महिलाएं खुद को बचाने में असहाय महसूस करती हैं. ऐसे में मध्य प्रदेश से एक सराहनीय और अनोखी पहल सामने आई है, जहां एक 19 साल के लड़के ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक खास स्मार्ट गैजेट तैयार किया है. खंडवा के रहने वाले सत्यम कलम ने महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक ऐसा यंत्र बनाया है, जिसे आसानी से पॉकेट या पर्स में रखा जा सकता है. यह गैजेट दिखने में भले ही साधारण लगे लेकिन जरूरत पड़ने पर यह मनचलों के लिए किसी हथियार से कम नहीं है. इस डिवाइस को सत्यम ने ‘स्टन गन’ नाम दिया है.

‘स्टन गन’ की सबसे खास बात यह है कि अगर कोई मनचला महिला के साथ छेड़खानी करता है और इस डिवाइस को छू लेता है, तो उसे जोर का झटका लगता है. करंट लगते ही आरोपी घबरा जाता है और वहां से भाग खड़ा होता है. इससे महिला को खुद को बचाने या मदद मांगने का मौका मिल जाता है.

स्टन गन की लागत केवल 500 रुपये
लोकल 18 से बातचीत में सत्यम कलम ने कहा कि स्टन गन को बनाने में उन्हें करीब 5 से 6 दिन का समय लगा और इसकी लागत महज 500 रुपये आई है. उन्होंने यह गैजेट पूरी तरह सेल्फ डिफेंस के उद्देश्य से बनाया है. इससे किसी की जान को नुकसान नहीं होगा लेकिन इतना झटका जरूर लगेगा कि गलत इरादे रखने वाला व्यक्ति दोबारा हिम्मत नहीं करेगा. सत्यम बताते हैं कि जब वह नगर निगम द्वारा आयोजित ‘वेस्ट टू बेस्ट’ प्रतियोगिता में शामिल हुए थे, तब उन्होंने इस स्टन गन को वहां प्रदर्शित किया था. इस दौरान खंडवा की महापौर अमृता अमर यादव को भी यह इनोवेशन काफी पसंद आई थी. वहां मौजूद कई महिलाओं ने भी इस गैजेट को सराहा लेकिन उन्होंने इसे थोड़ा छोटा और हल्का बनाने की सलाह दी.

पर्स या पॉकेट में रख सकते हैं स्टन गन
उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं की इसी सलाह को ध्यान में रखते हुए सत्यम ने इसे और कॉम्पैक्ट डिजाइन में तैयार किया ताकि इसे आसानी से पर्स या पॉकेट में रखा जा सके. स्टन गन में इलेक्ट्रिक वेव का इस्तेमाल किया गया है, जो आमतौर पर नर्व स्टिमुलेशन के लिए उपयोग होती है लेकिन उन्होंने अपने दिमाग और तकनीकी समझ का इस्तेमाल कर इसे स्टन गन का रूप दे दिया. यह न सिर्फ उपयोगी है बल्कि देखने में भी फैशनेबल है.

वैष्णव कॉलेज से कर रहे पढ़ाई
खंडवा के वृंदावन कॉलोनी में रहने वाले सत्यम फिलहाल इंदौर के वैष्णव कॉलेज से पढ़ाई कर रहे हैं. वह बताते हैं कि वे कक्षा 10वीं से ही इस तरह के उपकरण बनाने की कोशिश कर रहे हैं. शुरुआत में यह स्टन गन काफी बड़ी थी लेकिन कई बार सुधार करने के बाद अब इसका फाइनल और छोटा मॉडल तैयार हो पाया है. सत्यम का कहना है कि अगर उन्हें सरकार या किसी संस्था का सहयोग मिले, तो वह इस गैजेट को और कम कीमत में तैयार कर सकते हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा महिलाएं और लड़कियां इसका इस्तेमाल कर खुद को सुरक्षित रख सकें.

कई इनोवेटिव प्रोजेक्ट बना चुके हैं सत्यम
सत्यम कलम के पिता महिला एवं बाल विकास विभाग में कार्यरत हैं और उनकी मां गृहिणी हैं. परिवार का पूरा सहयोग मिलने से सत्यम लगातार कुछ नया करने की कोशिश कर रहे हैं. सत्यम इससे पहले भी कई तरह के इनोवेटिव प्रोजेक्ट बना चुके हैं लेकिन उन्हें अभी तक बड़ा प्लेटफॉर्म नहीं मिल पाया है. खंडवा के इस युवा का यह प्रयास न सिर्फ सराहनीय है बल्कि समाज के लिए एक मजबूत संदेश भी है कि अगर सोच सकारात्मक हो, तो कम संसाधनों में भी बड़ी पहल की जा सकती है.



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