पवन एक्सप्रेस में CTI और वेंडर के बीच मारपीट: पानी को लेकर हुआ विवाद, DCM ने सीटीआई को किया सस्पेंड; ब्रेथ एनलाइजर टेस्ट भी कराया – Jabalpur News

पवन एक्सप्रेस में CTI और वेंडर के बीच मारपीट:  पानी को लेकर हुआ विवाद, DCM ने सीटीआई को किया सस्पेंड; ब्रेथ एनलाइजर टेस्ट भी कराया – Jabalpur News




चलती ट्रेन में रेलवे अधिकारी द्वारा ऑनबोर्ड कैटरिंग स्टाफ के साथ मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। यह घटना नरसिंहपुर से जबलपुर के बीच बांद्रा–पटना एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 22971) में ऑनबोर्ड चेकिंग के दौरान हुई। आरोप है कि CTI (कमर्शियल टिकट इंस्पेक्टर) और TT ने TSV कैटरिंग मैनेजर के साथ मारपीट की, जिससे कैटरिंग मैनेजर के होंठ फट गए और खून निकलने लगा। फ्री कैटरिंग की मांग को लेकर विवाद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद की शुरुआत मुफ्त कैटरिंग सेवा की मांग को लेकर हुई। आरोप है कि CTI ने फ्री में खाना न देने पर पहले अभद्र व्यवहार किया और फिर मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान अन्य ऑनबोर्ड स्टाफ के साथ भी धक्का-मुक्की और धमकी दिए जाने की बात सामने आई है। यात्रियों के मुताबिक घटना के समय ट्रेन में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। CTI ने एक हजार रुपए और मुफ्त खाना मांगा घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सामने आया है। वीडियो में रेलवे कर्मियों द्वारा कैटरिंग स्टाफ के साथ मारपीट और धमकी देते हुए साफ देखा जा सकता है। वीडियो में वेंडर अंशु सिंह ने आरोप लगाया कि CTI एक हजार रुपए और मुफ्त खाना मांग रहे थे। मांग पूरी न होने पर इतनी मारपीट की गई कि होंठ फट गया और खून निकलने लगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनका मोबाइल छीन लिया गया और ट्रेन से कहीं जाने नहीं दिया गया। वीडियो में वेंडर CTI भगवान सिंह ठाकुर से यह कहते नजर आ रहा है कि डॉक्यूमेंट चेक के नाम पर उसे बेवजह परेशान किया गया। वहीं, दूसरी ओर CTI भगवान सिंह ठाकुर का कहना है कि डॉक्यूमेंट मांगने पर वेंडर ने उनकी कॉलर पकड़ ली और धमकी दी। CTI ने यह भी आरोप लगाया कि वेंडर के मालिक ने फोन पर गाली-गलौज की। रेल प्रशासन की त्वरित कार्रवाई वीडियो वायरल होते ही रेल प्रशासन हरकत में आया। जबलपुर मंडल के सीनियर डीसीएम डॉ. मधुर वर्मा ने संबंधित CTI को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। डॉ. मधुर वर्मा ने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही CTI को सस्पेंड किया गया। साथ ही उसका ब्रेथ एनलाइजर टेस्ट भी कराया गया, जो नेगेटिव आया। दोनों पक्षों की शिकायत जीआरपी थाने में दर्ज कराई गई है और जांच के बाद ठोस कार्रवाई की जाएगी। GRP की अलग व्याख्या जीआरपी थाना टीआई संजीवनी राजपूत ने बताया कि यह घटना नरसिंहपुर में हुई थी। उनके अनुसार एक दिन पहले पवन एक्सप्रेस में पानी की बोतल को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि वेंडर के पास कुछ अनाधिकृत पानी की बोतलें थीं, जिसको लेकर दोनों पक्षों में विवाद और मारपीट हुई। दोनों का मेडिकल कराया गया और बाद में आपसी समझौता हो गया। रेल मंत्री को भेजी गई शिकायत कैटरिंग स्टाफ की ओर से रेल मंत्री को भी शिकायत भेजी गई है। शिकायत में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। इसे रेलवे और IRCTC के नियमों के साथ-साथ कार्यस्थल सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन बताया गया है। यात्रियों का कहना है कि संबंधित CTI का व्यवहार पहले भी विवादित रहा है। फिलहाल रेल प्रशासन जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कह रहा है।



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