शुजालपुर पुलिस की FIR में दशमलव लगाकर हेराफरी: पावरग्रिड कबाड़ को 497 किलो की जगह 4.9 kg लिखा; SDOP बोले जो अफसर ने बताया वह लिखा – Shujalpur News

शुजालपुर पुलिस की FIR में दशमलव लगाकर हेराफरी:  पावरग्रिड कबाड़ को 497 किलो की जगह 4.9 kg लिखा; SDOP बोले जो अफसर ने बताया वह लिखा – Shujalpur News




शुजालपुर में कबाड़ी की गाड़ी में पकड़ाए सरकारी पावर ग्रिड कॉरपोरेशन के स्क्रैप के मामले में पुलिस की नाई सांठगांठ का गणित सामने आया। दर्ज हुई एफआईआर में दशमलव लगाकर कई क्विंटल जब्त सामान को किलो बताने की हेराफेरी पर अब पुलिस पल्ला झाड़ रही है। मामले में पावरग्रिड अफसर विजय ओझा की मिली भगत सामने आई थीं। सरकारी सामान कबाड़ में बेचने के मामले में शुजालपुर पुलिस ने 30 जनवरी को गाड़ी जब्त की। 132 केवी ग्रिड से 2 किमी दूर भेजने इस वाहन का गेट पास बनाया गया। एफआईआर में दशमलव लगाकर सामान की मात्रा बदली वाहन 48 घंटे तक गंतव्य तक नहीं पहुंचने पर भी पावरग्रिड के अफसर नहीं जागे, बाद में 1 फरवरी को पावरग्रिड के अरुण कंजोलिया कार्यपालन अभियंता शुजालपुर में पुलिस में शिकायत की। पुलिस ने दर्ज एफआईआर में दशमलव लगाकर सामान की मात्रा बदल दी है। 497 किलो सामान को केवल 4 किलो 900 ग्राम और 297 किलो को केवल 2 किलो 900 ग्राम एफआईआर में दर्ज किया है। जवाब में एसडीओपी निमिष देशमुख ने कहा जैसा फरियादी अफसर ने बताया वैसा लिखा गया, अब आगे जांच करेंगे। उधर पावर ग्रिड की ओर से पुलिस को दिए गेट पास में दर्ज सामग्री में दशमलव नहीं लगा, लेकिन शुजालपुर सिटी पुलिस थाना के हेड मुहर्रिर योगेन्द्र उर्फ योगा की ओर से लिखी एफआईआर में पुलिस ने यह दशमलव फार्मूला लगाया। नाबालिग को आरोपी बनाने पर पुलिस की भूमिका इस पुलिसकर्मी की मामले में मुख्य संदेही भूमिका सामने आई है। 6 आरोपियों में पिता के साथ मजदूरी के लिए गया एक नाबालिक भी पुलिस ने आरोपी बनाया है। मामले में आरोपी शकील ने आरोप लगाया पुलिस ने पावर ग्रिड अफसर से मामला सेटल करने एक अन्य साथी के राशि भी ली थी। मामले में अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस ने जब्त वाहन में भरे कबाड़ का तौल भी सत्यापित नहीं किया है। व्यापारी ने बताया कबाड़ी का हिसाब, 10 क्विंटल माल खरीदा कबाड़ व्यापारी जावेद ने लेनदेन के हिसाब का पर्चा सार्वजनिक कर बताया 50 रुपए किलो से 497 किलो रिले 24850 रुपए में, 102 किलो 800 ग्राम कापर 70 रुपए किलो के भाव से 72100 रुपए में, 115 किलो एल्यूमिनियम 130 रुपए के भाव से 14950 रुपए
और 292 किलो लोहा 30 रुपए के भाव से 8760 रूपए में, 17 किलो बैटरी 100 रुपए के दाम से 1700 रुपए में खरीदा, कुल 1 लाख 22 हजार 360 रुपए हुए, लेकिन पावर ग्रिड अफसर ने खुल्ले रुपए नहीं होने से 1 लाख 22 हजार 500 रुपए लिए। कुल 10 क्विंटल 300 ग्राम माल खरीदा।
पुलिस के एफआईआर 2.41 क्विंटल माल चोरी हुआ पुलिस की एफआईआर में आइसोलेटड रॉड कुल 56 नग कुल वजन 102 किलोग्राम, रिले वजन 4.9 किलोग्राम, लोहे का वजन 2.92 किलोग्राम, बैटरी का वजन 17 किलोग्राम और एल्यूमिनियम का वजन 115 किलोग्राम, इस तरह पुलिस ने कुल 241 किलो 820 ग्राम, कुल कीमत करीबन 70 हजार रुपए बताई है। दशमलव खेल, लोहे को सोने की तरह तौल में 2.9 किलो दर्ज किया एफआईआर में रिले के 497 किलो ग्राम को दशमलव लगाकर 4.9 किलो ग्राम, 292 किलोग्राम लोहा को दशमलव लगाकर 2.92 किलोग्राम, कर कुल जब्त सामान भी 10 क्विंटल 300 ग्राम की जगह 7.80 क्विंटल कम दर्ज किया। उधर आरोपियों की ओर से पावर ट्रांसमिशन कंपनी के अफसर से बातचीत के ऑडियो, वीडियो सामने आने के बाद मामले में जांच अधिकारी योगेंद्र को हटाकर पुलिस थाना शुजालपुर के उपनिरीक्षक एनिम टोप्पो को जांच सौंपी गई है।



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