पटवारियों ने 10 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा: वेतन विसंगति, सीएम हेल्पलाइन और जियो टैग गिरदावरी पर जताई नाराजगी – Vidisha News

पटवारियों ने 10 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा:  वेतन विसंगति, सीएम हेल्पलाइन और जियो टैग गिरदावरी पर जताई नाराजगी – Vidisha News




जिला पटवारी संघ ने बुधवार को मुख्यमंत्री के नाम 10 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। प्रदेश संगठन के आह्वान पर सौंपे गए इस ज्ञापन में पटवारियों को कार्य के दौरान आ रही तकनीकी, प्रशासनिक और वेतन संबंधी समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग की गई। संघ ने बताया कि पटवारी पूरी निष्ठा से शासन की योजनाओं का क्रियान्वयन कर रहे हैं। हालांकि, जियो टैग गिरदावरी, फार्मर आईडी, सीएम हेल्पलाइन और वेतन विसंगतियों के कारण उन्हें अनावश्यक दबाव और परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पटवारियों ने जियो टैग गिरदावरी को अव्यवहारिक बताया। उन्होंने कहा कि सर्वेयरों को मानदेय का भुगतान न होने से वे कार्य नहीं कर रहे हैं, जिससे गिरदावरी का पूरा भार पटवारियों पर आ गया है। एक पटवारी को 5 से 10 हजार खसरों की जियो टैग गिरदावरी करनी पड़ रही है, जो व्यवहारिक नहीं है, इसलिए ग्राम स्तर पर गिरदावरी का प्रावधान करने की मांग की गई। ज्ञापन में नवोदित पटवारियों को नियुक्ति दिनांक से 100 प्रतिशत वेतन देने और लंबित एरियर का शीघ्र भुगतान करने की मांग प्रमुख रही। संघ ने बताया कि इस संबंध में हाईकोर्ट जबलपुर द्वारा भी आदेश पारित किए जा चुके हैं, इसके बावजूद अब तक शासन स्तर पर अमल नहीं हुआ है। पटवारियों ने सीएम हेल्पलाइन से उत्पीड़न का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि न्यायालयीन, अपात्र या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों को भी सीएम हेल्पलाइन में दर्ज कर दबाव बनाया जाता है। ऐसी शिकायतों को फोर्स क्लोज करने और संतुष्टि के नाम पर प्रताड़ना बंद करने की मांग की गई। संघ ने यह भी कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना का 99 प्रतिशत कार्य पटवारियों द्वारा पूरा किया जा चुका है। उन्होंने मांग की कि अन्य राज्यों की तरह यह कार्य कृषि विभाग को सौंपा जाए, ताकि पटवारियों को तकनीकी शिकायतों से राहत मिल सके। इसके साथ ही स्वामित्व योजना, कृषि संगणना, लघु सिंचाई संगणना, ई-बस्ता प्रिंट और ऑनलाइन कार्यों के लंबित मानदेयों का भुगतान शीघ्र करने की मांग भी ज्ञापन में की गई। पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष मनोज बघेल का कहना है कि पटवारी शासन की रीढ़ हैं, लेकिन लगातार बढ़ते काम और तकनीकी खामियों के कारण काम करना मुश्किल हो रहा है। शासन को समस्याओं का तत्काल समाधान करना चाहिए। तहसील अध्यक्ष विपुल शर्मा का कहना था कि सीएम हेल्पलाइन और फार्मर आईडी जैसी प्रक्रियाओं में सुधार नहीं हुआ तो जमीनी स्तर पर काम प्रभावित होगा।



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