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Rewa panchmatha ashram : आयरन लेडी के नाम से मशहूर देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी दुर्गा का अवतार कहीं जाती थीं. इंदिरा गांधी का सफेद शेरों की धरती रीवा से गहरा नाता था. वे यहां तीन बार आई थीं. जहां आज भी उनकी यादें देखने को मिलती हैं. यहां लिखी पट्टिका पर आज भी उनका नाम दर्ज है.
Rewa News : पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी दुर्गा का अवतार कही जाती थीं. स्वर्गीय इंदिरा गांधी का रीवा से अटूट नाता रहा है. यहां स्थित पंचमठा आश्रम के संस्थापक स्वामी ऋषि कुमार के प्रति इंदिरा जी की अटूट आस्था रही है. ऐसा बताया जाता है कि पंचमठा आश्रम के विकास और विस्तार के लिए इंदिरा गांधी ने अथक प्रयास किए थे. जिसके चलते यह आश्रम देशभर में विख्यात है.
ऋषि कुमार को अपना गुरु मानती
रीवा से उनकी सुनहरी यादें जुड़ी हुई हैं. रीवा का दार्शनिक एवं ऐतिहासिक प्राचीन पंचमठा आश्रम की स्थापना करने वाले स्वामी ऋषि कुमार के प्रति पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की अटूट आस्था रही है. जब वे भारत सरकार की सूचना प्रसारण मंत्री थी. तब यहां पहली बार स्वामी ऋषि कुमार के दर्शन को आईं. जहां से उन्हें ऐसा आशीर्वाद मिला कि वे दोबारा यहां प्रधानमंत्री के रुप में ही पहुंची. इंदिरा गांधी स्वामी ऋषि कुमार को अपना गुरु मानती थीं.
इंदिरा गांधी ने यहां आने पर आम का एक पौधा लगाया था
इंदिरा गांधी ने रीवा प्रवास के दौरान पंचवटी आश्रम के निर्माण में अपना सहयोग दिया था. आश्रम में लगी पट्टिका को पढ़ने से पता चलता है कि उन्होंने यहां पांच हजार रुपए दिए थे. गौरतलब है कि आश्रम भवन की नींव 1960 में रखी गई थी इस आश्रम के निर्माण के लिए तमाम लोगों ने सहयोग किया था. जिसमें इंदिरा का नाम भी शामिल है. यहां एक संस्कृत विद्यालय भी है. जिसकी स्थापना में भी इंदिरा ने सहयोग किया था. इंदिरा गांधी ने यहां आने पर आम का एक पौधा लगाया था जो अब एक बड़े वृक्ष का रुप ले चुका है. जो इंदिरा की सबसे बड़ी याद के रुप में मौजूद हैं.
इंदिरा गांधी सूचना प्रसारण मंत्री रहते हुए 1965 में रीवा आई थी और उन्हें यहां एक ऐसा आशीर्वाद मिला कि 1966 में उनकी ताजपोशी प्रधानमंत्री के रूप में हो गई. आयरन लेडी के रूप में उन्होंने दुनिया में अपना लोहा मनवाया है. जिसके बाद इंदिरा 1977 तक लगातार प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया. 1980 में फिर चौथी बार प्रधानमंत्री बन कर देश और जनता की सेवा करने का मौका मिला.
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7 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. खेल, कला-साह…और पढ़ें