Last Updated:
Karan Singh Verma: सीहोर जिले में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर सुर्खियों में हैं.उन्होंने लाड़ली-बहना योजना की लाभार्थियों को बड़ी चेतावनी दी. जिससे सियासी माहौल गरमा गया है.
Karan Singh Verma Statement On Ladli Behna Yojna: मध्य प्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने लाडली बहना को लेकर एक विवादित बयान दे दिया है, जिससे राजनीतिक सरगर्मी बढ़ना तय है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे की गूंज दूर तक सुनाई दे सकती है. सीहोर जिले की इछावर विधानसभा के धामांदा गांव में आयोजित एक शासकीय आयोजन में करण सिंह वर्मा ने लाड़ली बहन योजना के फायदे गिनाते हुए कहा की सरकारी आयोजन में अगर लाड़ली बहन नहीं आई, तो नाम कट जाएगा.
ये क्या बोल गए मंत्री करण सिंह वर्मा
राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि लोगों से प्यार और स्नेह भी रखते हैं. आपके लिए दिल्ली से गेंहू पहुंचा रहे हैं. किसान सम्मान निधि योजना के तहस पैसा दे रहे हैं. पहले कांग्रेस की सरकार देती थी क्या? आपकी पेंशन दे रहे हैं. लाडली बहना योजना के तहत 894 बहनों को 1500 रुपए महीना दे रहे हैं और आईं कितनी बहने हैं. एक दिन बोलेंगे कि सब बहनों को बुलाओ और अगर नहीं आईं, तो उनका नाम कट जाएगा. दे देंगे यहां से रिपोर्ट. जो भी देता है, तो उसका बोलो. कभी बहना को कांग्रेस के राज में पैसा मिलता है. कहीं रोड बना था. हम कमीशन नहीं खाते हैं. एक नया पैसा भी अगर सरकारी खाया, तो गऊ के मांस बराबर है.
बीजेपी को सत्ता दिलाने में लाडली बहना योजना का अहम योगदान
मध्य प्रदेश में बीजेपी साल 2023 में भारी भरकम बहुमत के साथ सत्ता में आई थी, तब इसमें लाडनी बहना योजना ने इसमें अहम भूमिका निभाई थी. राज्य सरकार द्वारा संचालित लाडली बहना योजना में महिलाओं के खाते में भेजे जाते हैं. पहले इसमें 1250 रुपए प्रति महीने मिलते थे. बाद में इसमें 250 रुपए की बढ़ोतरी हुई और अब उसे हर महीने 1500 रुपए मिलते हैं.
लाडनी बहना योजना का लाभ उठाने की प्रमुख शर्तें
इस योजना का लाभ उठाने के लिए महिला को साठ साल से ज्यादा उम्र का होना आवश्यक है. इसके अलावा महिला मध्य प्रदेश की स्थानीय निवासी हो. वहीं महिला या उसके परिवार में कोई सदस्य आयकर दाता ना हो. इसके साथ यह भी जोड़ा गया है कि महिला के परिवार का कोई भी सदस्य केंद्र या राज्य सरकार के किसी विभाग में नौकरी ना करता हो. महिला या उसके परिवार के पास संयुक्त रूप से पांच एकड़ से ज्यादा जमीन न हो. वहीं महिला या उसके परिवार के पास चार पहिया वाहन ना हो.