पाचनतंत्र के लिए बेहद फायदेमंद ये खास चूर्ण, जानें घर पर बनाने का आसान तरीका

पाचनतंत्र के लिए बेहद फायदेमंद ये खास चूर्ण, जानें घर पर बनाने का आसान तरीका


शिवपुरी के जंगलों में ऐसे कई औषधीय फल और पेड़ पाए जाते हैं, जिनका आयुर्वेद में खास महत्व है. आयुर्वेद शास्त्रों में माना जाता है कि प्रकृति में ऐसा कोई भी पेड़ नहीं है, जिसका किसी न किसी रूप में औषधीय उपयोग न हो. आयुर्वेद में त्रिफला को एक प्रभावशाली औषधि माना गया है. हरड़, बहेड़ा और आंवला, इन तीन फलों के मिश्रण से तैयार त्रिफला चूर्ण आज भी लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. जिला आयुष अधिकारी अनिल वर्मा के अनुसार, यदि इन तीनों फलों को बराबर मात्रा में लेकर सही विधि से चूर्ण तैयार किया जाए, तो यह करीब एक दर्जन स्वास्थ्य समस्याओं में लाभकारी माना जाता है.

पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद
जिला आयुष अधिकारी बताते हैं कि त्रिफला का सबसे बड़ा लाभ पाचन तंत्र पर पड़ता है. बदलती जीवनशैली और गलत खानपान के कारण आज लोग कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याओं से परेशान रहते हैं. ऐसे में त्रिफला चूर्ण का सीमित और नियमित सेवन राहत देने में सहायक हो सकता है.

घर पर ऐसे बनाएं त्रिफला चूर्ण
त्रिफला चूर्ण बनाना बेहद आसान है. इसके लिए हरड़, बहेड़ा और आंवला को बराबर मात्रा में लें. तीनों फलों को अच्छी तरह सुखा लें. इसके बाद अलग-अलग पीसकर बारीक पाउडर बना लें. अब इन तीनों चूर्ण को आपस में अच्छी तरह मिलाकर छलनी से छान लें. तैयार त्रिफला चूर्ण को कांच के जार में भरकर सूखी और साफ जगह पर रखें, जिससे इसकी गुणवत्ता बनी रहे.

क्या है सेवन का तरीका
अनिल वर्मा के अनुसार, त्रिफला चूर्ण का सेवन रात में सोने से पहले आधा से एक चम्मच गुनगुने पानी के साथ किया जा सकता है. चाहें तो इसे शहद के साथ भी लिया जा सकता है. कुछ लोग सुबह खाली पेट भी इसका सेवन करते हैं, लेकिन मात्रा सीमित रखना जरूरी है.

किन बीमारों में माना जाता है लाभकारी
आयुर्वेद के अनुसार त्रिफला चूर्ण कब्ज, गैस, अपच, पेट की गड़बड़ी, आंखों की कमजोरी, वजन बढ़ना, कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता और ब्लड शुगर के असंतुलन जैसी समस्याओं में सहायक माना जाता है. इसके अलावा त्वचा संबंधी रोग, मुंह के छाले, बालों का झड़ना, थकान और कमजोरी में भी इसके फायदे बताए जाते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि त्रिफला शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है, जिससे प्राकृतिक रूप से डिटॉक्स होता है.

हालांकि त्रिफला एक आयुर्वेदिक औषधि है, फिर भी इसका सेवन सोच-समझकर करना चाहिए. अधिक मात्रा में सेवन करने से नुकसान हो सकता है. यदि किसी को गंभीर बीमारी है या नियमित दवाएं चल रही हैं, तो त्रिफला लेने से पहले आयुष चिकित्सक या डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर होता है.



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