Gift Shop Business Success Story: कहते हैं अगर इंसान के इरादे मजबूत हों तो रास्ते अपने आप बन जाते हैं. मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले की इंदिरा कॉलोनी में रहने वाले दीपक रामचंदानी की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. आज वो एक सफल बिजनेसमैन हैं, लेकिन यहां तक पहुंचने का सफर बिल्कुल आसान नहीं था.
करीब 23 साल पहले दीपक के पास न तो कोई बड़ी डिग्री थी, न ही कोई बड़ा सहारा. बस एक सपना था अपना खुद का बिजनेस करने का. काम सीखने के लिए उन्होंने यूट्यूब का सहारा लिया और साल 2003 में ₹60,000 का लोन लेकर एक छोटी सी गिफ्ट शॉप से शुरुआत की.
छोटी दुकान, किराए की जगह और बड़ी परेशानियां
दीपक बताते हैं कि शुरुआत में उनकी दुकान बहुत छोटी थी और वो भी किराए की. ग्राहक कम आते थे, पूंजी सीमित थी और कई बार लगा कि शायद यह रास्ता छोड़ देना चाहिए. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. दिन-रात मेहनत की, खुद काउंटर संभाला, ग्राहकों से सीधा जुड़ाव बनाया और धीरे-धीरे दुकान में नए-नए आइटम जोड़ते गए. संघर्ष चलता रहा, लेकिन दीपक का हौसला कभी कमजोर नहीं पड़ा.
आज दीपक की दुकान “राकेश गिफ्ट गैलरी” के नाम से जानी जाती है. इस दुकान में 200 से 300 से ज्यादा तरह के गिफ्ट, फैंसी आइटम, स्टेशनरी और खिलौने मिलते हैं. दीपक दिल्ली, मुंबई और आगरा जैसे बड़े शहरों से सीधे सामान मंगवाते हैं, जिससे उन्हें कम दाम में माल मिल जाता है. यही वजह है कि वो ग्राहकों को भी सस्ते दाम पर सामान दे पाते हैं. लोग शहर के दूसरे इलाकों से भी खास तौर पर उनकी दुकान पर खरीदारी करने आते हैं.
आज लाखों की कमाई और कई लोगों को रोजगार
संघर्ष के उस दौर से निकलकर आज दीपक हर साल करीब 10 से 15 लाख रुपये की कमाई कर रहे हैं. उनकी दुकान से 4 से 5 लोगों को नियमित रोजगार भी मिल रहा है. दीपक कहते हैं कि अगर आज का युवा सच में कुछ करना चाहता है, तो स्टेशनरी या खिलौनों की दुकान एक अच्छा विकल्प हो सकता है. तीन से चार लाख रुपये लगाकर इस बिजनेस की शुरुआत की जा सकती है, खासकर फैंसी आइटम्स की डिमांड आज के समय में काफी ज्यादा है.
युवाओं के लिए दीपक का सीधा संदेश
दीपक साफ कहते हैं कि अगर काम नहीं है तो डरिए मत. छोटा सोचिए, लेकिन सोच पक्की रखिए. सीखने के लिए आज यूट्यूब है, बाजार है और मौके भी हैं. बस शुरुआत करना जरूरी है.