देश में 4 बार नवरात्रि, उज्जैन में 5वीं बार! महाकाल मंदिर में 9 दिन की शिव नवरात्रि शुरू

देश में 4 बार नवरात्रि, उज्जैन में 5वीं बार! महाकाल मंदिर में 9 दिन की शिव नवरात्रि शुरू


Last Updated:

Shiv Navratri 2026: उज्जैन में शिव नवरात्रि की परंपरा देशभर से अलग और विशेष मानी जाती है. महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में 06 से 15 फरवरी तक नौ दिनों तक शिव नवरात्रि मनाई जाएगी. इन दिनों बाबा महाकाल अलग-अलग दिव्य शृंगार में भक्तों को दर्शन देंगे. पांचवें दिन छबीना शृंगार देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. शिव नवरात्रि के दर्शन को महाशिवरात्रि के समान पुण्य फलदायी माना जाता है.

Ujjain News: हिंदू सनातन परंपरा में नवरात्रि को शक्ति, भक्ति और साधना का पर्व माना जाता है, लेकिन पावन नगरी उज्जैन की परंपरा देशभर से बिल्कुल अलग और विशिष्ट है. जहां पूरे भारत में नवरात्रि सामान्यतः साल में चार बार मनाई जाती है, वहीं उज्जैन में इसे पांच बार मनाने की गौरवशाली परंपरा है. इसी परंपरा के तहत उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में सामान्य शिवरात्रि नहीं, बल्कि शिव नवरात्रि मनाई जाती है.

शिप्रा तट पर विराजमान है दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग
महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग बारह ज्योतिर्लिंगों में तीसरे क्रम पर विराजमान है और यह पवित्र शिप्रा नदी के तट पर स्थित है. इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह देश का एकमात्र दक्षिणमुखी शिवलिंग माना जाता है, जो इसे अत्यंत दुर्लभ और चमत्कारी बनाता है. महाकाल की नगरी अपनी अनूठी परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं के लिए पूरे देश में विशेष स्थान रखती है.

06 से 15 फरवरी तक चलेगी शिव नवरात्रि
बाबा महाकाल के दरबार में शिव नवरात्रि का पावन पर्व 06 फरवरी से 15 फरवरी तक श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा. इन नौ दिनों में भगवान महाकाल अलग-अलग दिव्य स्वरूपों में भक्तों को दर्शन देंगे. हर दिन होने वाला विशेष शृंगार भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र रहता है.

पांचवें दिन छबीना स्वरूप में देंगे दर्शन
शिव नवरात्रि के पांचवें दिन बाबा महाकाल अपने अत्यंत मनोहारी छबीना स्वरूप में भक्तों को दर्शन देंगे. इस दिन मंदिर परिसर में विशेष भीड़ उमड़ती है और श्रद्धालु घंटों कतार में खड़े रहकर बाबा के इस अलौकिक रूप के दर्शन करते हैं.

शिव नवरात्रि में दर्शन का विशेष पुण्य
मान्यता है कि शिव नवरात्रि के नौ दिनों में जो भी भक्त बाबा महाकाल के दर्शन, पूजन और अर्चना करता है, उसे महाशिवरात्रि के समान पुण्य फल प्राप्त होता है. यही कारण है कि इन दिनों उज्जैन के महाकाल मंदिर में देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंचते हैं और पूरा शहर भक्तिमय माहौल में डूब जाता है.

जानिए शिव नवरात्रि के 9 दिवसीय शृंगार
06 फरवरी – भाँग व दिव्य चंदन शृंगार
07 फरवरी – नवीन शृंगार
08 फरवरी – शेषनाग शृंगार
09 फरवरी – घटाटोप शृंगार
10 फरवरी – छबीना शृंगार
11 फरवरी – होलकर शृंगार
12 फरवरी – मनमहेश शृंगार
13 फरवरी – उमा महेश शृंगार
14 फरवरी – शिवतांडव शृंगार
15 फरवरी – सप्तधान्य शृंगार

सदियों पुरानी परंपरा, उत्सव में बदलता उज्जैन
उज्जैन में शिव नवरात्रि मनाने की परंपरा कई सदियों पुरानी है. यह पर्व न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी पूरे शहर में उत्सव का माहौल बना देता है. भक्त अलग-अलग स्वरूपों में बाबा महाकाल के दर्शन कर आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त करते हैं और अपने जीवन में सुख-समृद्धि की कामना करते हैं.

About the Author

shweta singh

Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें

homemadhya-pradesh

क्या आपने सुनी है शिव नवरात्रि? उज्जैन के महाकाल मंदिर में 9 दिन चलता महाउत्सव

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.



Source link