इस तकनीक से फरवरी में लगाए भिंडी, दोगुना होगी कमाई,सागर के वैज्ञानिक से समझें

इस तकनीक से फरवरी में लगाए भिंडी, दोगुना होगी कमाई,सागर के वैज्ञानिक से समझें


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Bhindi kheti Tips : जिन किसानों के पास पानी की व्यवस्था है और तीसरी फसल लगाना चाहते हैं तो वे जल्द ही अपने खाली पड़े खेत तैयार करके इसमें हाइब्रिड क्वालिटी की भिंडी की बुवाई कर दें. आने वाले एक से दो हफ्ते में अगर किसान भिंडी लगा देते हैं तो यह अर्ली भिंडी कहलाएगी जो समय से 15-20 दिन पहले आ जाएगी

सागर : सागर में करीब 50000 हेक्टेयर में प्याज लहसुन आलू की खेती की जाती है. जनवरी का महीना लगने के बाद से ही इनकी खुदाई शुरू हो गई थी फरवरी का आधा महीना निकलते निकलते लगभग इन फसलों के खेत खाली हो जाएंगे. ऐसे में जिन किसानों के पास पानी की व्यवस्था है और तीसरी फसल लगाना चाहते हैं तो वे जल्द ही अपने खाली पड़े खेत तैयार करके इसमें हाइब्रिड क्वालिटी की भिंडी की बुवाई कर दें. आने वाले एक से दो हफ्ते में अगर किसान भिंडी लगा देते हैं तो यह अर्ली भिंडी कहलाएगी, जो समय से 15-20 दिन पहले आ जाएगी. और इसके अच्छे दाम मिलेंगे. हाइब्रिड वाली भिंडी 35 दिन में फूल खेलने लगते हैं 40 से 45 दिन में फल आकर हार्वेस्टिंग भी शुरू हो जाती है.

सामान्य फसल से डेढ़ से दोगुना फायदा
सागर कृषि विज्ञान केंद्र में पिछले 30 सालों से सेवाएं दे रहे प्रधान कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर के एस यादव बताते हैं कि जिन किसान भाइयों के खेत टमाटर टूटने के बाद मल्चिंग खाली हो गई है वहां अगर भिंडी अभी लगा देते हैं तो उन्हें सामान्य फसल से डेढ़ से दोगुना फायदा मिल सकता है और आलू अदरक प्याज लहसुन वाली खेत में भी अर्ली भिंडी लगाने से किसान अच्छे दाम लेकर भरपाई कर सकते हैं.

शाम के समय इस बीज को पानी में भिगोने को डाल दें
डॉक्टर यादव के मुताबिक 15 फरवरी से किसान भाई भिंडी की बुवाई शुरू कर सकते हैं. जिन किसानों के खेत आलू टमाटर प्याज मटर अदरक जैसी फसलों से खाली हो गए हैं, वे जुताई करने के बाद खेत की तैयारी कर ले. बुआई से पहले वह अपने खेत में खाद उर्वरक का पहले से ही छिड़काव करें खासकर फास्फोरस और जो पोटाश की मात्रा है वह खेत में डाल दें और एक तिहाई यूरिया भी इसमें छिड़कें.

जब भिंडी की बुवाई समय से कुछ दिन पहले की जाती है तो इस बात को याद रखें कि इसमें जर्मिनेशन की समस्या आती है इसलिए हल्का सघन मात्रा में बुवाई करें. दूसरी बात बुवाई करने से एक दिन पहले शाम के समय इस बीज को पानी में भिगोने को डाल दें. इसमें एक ग्राम कार्बेंडाजिम प्रति लीटर की दर से मिला ले, फिर नितार करके रख ले जिससे हल्का अंकुरण हो जाता है. खेत में भी नमी होनी चाहिए फिर भिंडी की बुवाई कर दे.

बुआई करने के बाद 24 से 48 घंटे के अंदर पेंडा मैथिलीन नाम की रसायन प्री इमरजेंस होती है उसको 750 ml प्रीति एकड़ के हिसाब से छिड़काव करेंगे, तो खरपतवार जल्दी नहीं उगेंगे शुरू में भिंडी की ग्रोथ धीरे-धीरे करती है. लेकिन 40 से 55 दिन के बीच में फलन होने लगता है अर्ली विंडी में 45 दिन में भी तोड़ाई होने लगती है.

जैसे ही अंकुरण दिखाई देने लगता है तो पीछे से सिंचाई करना शुरू कर दें और उर्वरक के रूप में नाइट्रोजन का छिड़काव करें भिंडी में पीला रोग ना लगे इसके लिए अच्छी वैरायटी का चयन करके खरीदें. उन्नत किस्म पूसा ए -4, आर्का अनामिका, वीआरओ -6 भिंडी जैसी किस्म की बुवाई कर सकते हैं.

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Amit Singh

7 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. खेल, कला-साह…और पढ़ें

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