बाबा महाकाल का होलकर स्वरूप क्या है? शिव नवरात्रि में इस दिन होगा विशेष श्रृंगार, दर्शन की मचेगी होड़

बाबा महाकाल का होलकर स्वरूप क्या है? शिव नवरात्रि में इस दिन होगा विशेष श्रृंगार, दर्शन की मचेगी होड़


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Mahakal Mandir Shiv Navratri: 12 ज्योतिर्लिंगों में केवल उज्जैन में ही महाशिवरात्रि के अवसर पर शिव नवरात्रि मनाई जाती है. इस दौरान नौ दिन तक नौ तरह के श्रृंगार किए जाते हैं, जिसे देखने भक्त दूर-दूर से आते हैं. इसी कड़ी में छठे दिवस पूजन के पश्चात बाबा महाकाल होल्कर स्वरूप में दिखेंगे.

Ujjain News: उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में हर पर्व सबसे पहले मनाया जाता है. पूरे भारत में नवरात्रि पर्व मनाने की परंपरा हैं, लेकिन महाकाल की नगरी में नवरात्रि के साथ शिव नवरात्रि मनाने का भी महत्व है. वैसे तो दरबार में रोजाना अलग-अलग आरती में बाबा महाकाल अलग-अलग रूपों में दर्शन देते हैं, लेकिन शिव नवरात्रि पर बाबा का विशेष श्रृंगार होता है. हजारों की संख्या में भक्त बाबा के अद्भुत श्रृंगार के दर्शन करने दूर-दूर से आते हैं. मंदिर के पुजारी महेश गुरु ने लोकल 18 को बताया, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि (इस साल 6 फरवरी) से शिव नवरात्रि का पर्व शुरू हो गया है. बाबा अलग-अलग रूप में रोज भक्तों को दर्शन दे रहे हैं. इसी कड़ी में छठे दिन उज्जैन के राजा होलकर स्वरूप में दर्शन देंगे.

अवंतिका में 5 बार नवरात्रि क्यों?
अवंतिका नगरी उज्जैन केवल महाकाल की भूमि ही नहीं, बल्कि शक्ति उपासना का भी केंद्र है. यहां माता हरसिद्धि का दिव्य मंदिर है, जो देश के 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है. यही कारण है कि उज्जैन में शिव और शक्ति दोनों की संयुक्त कृपा है, जो इस पावन नगरी के आध्यात्मिक महत्व को और भी बढ़ा देती है. नवरात्रि के दौरान यहां भक्तिभाव का अद्भुत माहौल देखने को मिलता है, लेकिन उज्जैन की विशेषता यहीं तक सीमित नहीं है. पूरे देश में अनोखी परंपरा के अनुसार यहां शिव नवरात्रि भी मनाई जाती है. महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि की भव्यता तो जगप्रसिद्ध है ही, साथ ही नौ दिन तक चलने वाली शिव नवरात्रि केवल उज्जैन में ही आयोजित होती है, जो इसे धार्मिक दृष्टि से अद्वितीय बनाती है.

क्यों होल्कर स्वरूप मे सजते हैं महाकाल? 
पुजारी महेश शर्मा ने बताया, महाकालेश्वर भगवान का यह श्रृंगार होलकर स्वरूप में इसलिए होता है, क्योंकि महाकालेश्वर भगवान उज्जैन के राजा हैं. इस श्रृंगार के लिए सामग्री होलकर घराने से आती है, इसलिए बाबा का होल्कर श्रृंगार होता है. साथ ही इस दिन भक्तों द्वारा बाबा को अर्पित की गई वस्तुओं से बाबा को रूप दिया जाता है. भगवान महाकाल का होलकर शृंगार रूप बेहद अद्भुत और भव्य है. हर साल महाकाल का यह विशेष शृंगार किया जाता है. बाबा महाकाल के इस रूप के दर्शन करने के लिए हर साल बड़ी संख्या में भक्त आते हैं.

कल घटाटोप रूप मे सजेंगे 
आज शिव नवरात्रि के तीसरे दिन बाबा महाकाल ने सिर पर शेषनाग धारण कर भक्तों को दर्शन दिए. अब कल यानी 9 फरवरी को उज्जैन के राजा अपने भक्तों को सायं पूजन के पश्चात घटाटोप स्वरूप में दर्शन देंगे. बाबा महाकाल को नवीन वस्त्र अर्पित कर कटरा, मेखला, दुपट्टा, मुकुट, मुण्डमाल, छत्र, माला एवं फलों की माला पहनाई जाएगी.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें

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महाकाल का होलकर स्वरूप क्या है? शिव नवरात्रि में इस दिन होगा विशेष श्रृंगार



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