नीमच सिटी थाना क्षेत्र के ग्राम ढाबा में लापता 17 साल की छात्रा अंजलि नायक का शव शनिवार को गांव के एक कुएं में मिला। आज रविवार को शव का पीएम कराकर परिजनों को वापस सौंपा गया। घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जवासा चौराहे पर चक्काजाम कर दिया। दरअसल, मृतका 4 फरवरी से घर से लापता था। शनिवार को उसका शव गांव के कुएं में मिला। मृतका ने सुसाइड नोट में बुआ, फूफा और बड़ी मम्मी पर पीछा करने और धमकी देने का आरोप लगाया है। ढाई घंटे तक परिजनों ने किया विरोध प्रदर्शन यह चक्काजाम रविवार सुबह 10 बजे मनासा-नीमच सड़क पर शुरू हुआ और ढाई घंटे से अधिक समय तक जारी रहा। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की झड़प भी हुई। स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारी शव को वैकल्पिक मार्ग बंद करने के लिए लगभग 50 मीटर आगे ले गए, हालांकि बाद में समझाइश पर शव को वापस लाया गया। हॉस्टल जाने के लिए निकली थी नाबालिग 4 फरवरी को हॉस्टल जाने के लिए निकली अंजलि का शव शनिवार को मिला। मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ था। इस नोट में मृतिका ने अपनी बुआ रामू बाई, फूफा बद्रीलाल और बड़ी मम्मी सुगना बाई पर पीछा करने और धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। सुसाइड नोट में मृतका अंजलि ने लिखा है कि मैं रास्ते से स्कूल की बस पकड़ने के लिए जा रही थी। रोड पर आगे से मेरी बुआ रामू बाई, उसका पति बद्री लाल और मेरी बड़ी मम्मी सुगना बाई दोनों गाड़ी से आ रहे थे। उनको देखकर मैं गांव की तरफ भागी। बड़ी मम्मी और सुगना बाई ने बोला कि तूने मेरे ऊपर केस कैसे कर दिया। मैं तुझे मार दूंगी। ऐसा बोलकर वह मेरे पीछे गाड़ी लेकर आ रहे थे। मुझे वह मारने की धमकी दे रही थी कि वह मुझे मार देगी। उनको धारा नंबर 302 के अंतर्गत उम्र कैद की सजा देना। आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग पर अड़े परिजन पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि, परिजन आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए हैं। चक्काजाम के दौरान मृतिका की मां शांति बाई बेसुध होकर गिर पड़ीं, जिन्हें परिजनों ने संभाला और पास के एक क्लिनिक पर ले गए। पुलिस की समझाइश के बाद माने परिजन मौके पर सीएसपी किरण चौहान, तहसीलदार संतोष कुमार, नीमच सिटी थाना प्रभारी पुष्पा चौहान और जीरन थाना प्रभारी उमेश यादव सहित नीमच सिटी थाने का पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस की समझाइश के बाद ढाई घंटे बाद चक्काजाम खत्म हुआ और परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए।
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