पर्यावरण प्लान: अब साफ पानी, भूजल संरक्षण जरूरी; जिलों के ड्राफ्ट लौटाए – Indore News

पर्यावरण प्लान:  अब साफ पानी, भूजल संरक्षण जरूरी; जिलों के ड्राफ्ट लौटाए – Indore News




भागीरथपुरा में दूषित पानी से फैली बीमारी के बाद राज्य सरकार ने पर्यावरण और पेयजल सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देशों के बाद अब सभी जिलों की जिला पर्यावरण योजना (डिस्ट्रिक्ट एनवायरमेंट प्लान) और राज्य स्तरीय पर्यावरण प्लान में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। अब तक स्वच्छता, हरियाली, कचरा प्रबंधन और सतही जल संरक्षण तक सीमित रहे इन प्लान में पहली बार पानी की शुद्धता, भूजल संरक्षण और पराली जलाने के प्रबंधन को अनिवार्य रूप से शामिल किया गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देश के बाद सभी जिलों से भेजे गए मौजूदा प्लान पुनरीक्षण के लिए लौटा दिए गए हैं और संशोधित प्लान मांगे गए हैं। दूषित पानी कांड के बाद सरकार ने पेयजल को इमरजेंसी कैटेगरी में रखा है। प्रदूषण बोर्ड को जिलों के पर्यावरण प्लान को भूजल व सतही जल दोनों के संरक्षण उपायों के साथ अपडेट कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्लान में बदलाव करने के लिए निर्देश मिले हैं। संबंधित विभागों से जानकारी बुलाकर समाहित कर रहे हैं।
– सतीश कुमार चौकसे, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण बोर्ड क्या है जिला पर्यावरण योजना
एनजीटी के निर्देशों पर तैयार पर्यावरण योजना में जिले के प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण, ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन, वायु व जल प्रदूषण नियंत्रण शामिल होते हैं। योजना हर साल अपडेट होती है और प्रशासन, निगम, प्रदूषण बोर्ड इसे लागू करवाते हैं।



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