Davis Cup 2026: इन दिनों डेविस कप 2026 की धूम है. 8 फरवरी 2026 के दिन बेंगलुरु के एसएम कृष्णा टेनिस स्टेडियम में अगर किसी खिलाड़ी का जलवा दिखा तो वो दक्षिणेश्वर सुरेश हैं, जो भारतीय टेनिस में एक उभरता हुआ सितारा कहे जा रहे हैं. इस खिलाड़ी ने क्वालीफायर राउंड-1 में कमाल का प्रदर्शन करते हुए इतिहास रचा और भारतीय टीम को राउंड 2 में एंट्री दिला दी. बेंगलुरु के एसएम कृष्णा टेनिस स्टेडियम में दक्षिणेश्वर सुरेश ने जो किया है, वो सालों तक याद रखा जाएगा. अब सवाल ये है कि आखिर सुरेश ने ऐसा क्या कर दिया? आइए जानते हैं….
दरअसल, डेविस कप 2026 के क्वालीफायर राउंड-1 में 25 साल के भारतीय खिलाड़ी दक्षिणेश्वर सुरेश ने जिन 3 मुकाबलों में हिस्सा लिया, उन सभी में जीत दर्ज की. इन तीनों ही जीत के दम पर भारत ने नीदरलैंड्स को 3-2 से मात देकर क्वालिफायर्स राउंड-2 में अपनी जगह पक्की कर ली है. यह एक ऐतिहासिक जीत रही, क्योंकि ये पहली दफा है जब भारतीय टीम ने 2019 के बाद डेविस कप के नए फॉर्मेट में जीत हासिल करके दूसरे राउंड में जगह पक्की करने में सफल रहा. अगले दौर में उसका मुकाबला कोरिया से हो सकता है.
दुर्लभ ट्रिपल जीत का कारनामा
दक्षिणेश्वर सुरेश अपने करियर में दूसरा डेविस कप खेल रहे हैं. उन्होंने दोनों सिंगल्स मुकाबले जीते… फिर युकी भांबरी के साथ मिलकर डबल्स में भी झंडे गाड़ दिए. ये प्रदर्शन भारतीय डेविस कप इतिहास में अद्भुत है. इस दमदार प्रदर्शन के दम पर सुरेश ने 2004 की यादें ताजा कर दीं, जब जापान के खिलाफ लिएंडर पेस ने तीनों मुकाबले जीतकर भारत को अकेले दम पर जीत दिलाई थी.
मैच जीतने के बाद पीठ के बल मैदान पर लेट गए सुरेश
दक्षिणेश्वर सुरेश वर्ल्ड रैंकिंग में 465वें स्थान पर हैं. उन्होंने टीम के निर्णायक 5वें मुकाबले में गाय डी ओडेन को 6-4, 7-6 से हराया. मुकाबला जीतते ही वो पीठ के बल लेट गए और सारे साथी खिलाड़ी उन्हें गले लगाने दौड़ पड़े. भारतीय टीम ने उन्हें कंधों पर उठा लिया. भारत ने इससे पहले पिछले साल स्विट्जरलैंड को उसकी धरती पर हराया था. इस बार नीदरलैंड्स की टीम अपने टॉप दो सिंगल्स खिलाड़ियों वर्ल्ड नंबर 29 टैलन ग्रिक्सपूर और वर्ल्ड नंबर 67 बोटिक वान डी जैंडशुल्प के बिना उतरी थी, जिसका भारत ने पूरा फायदा उठाया.
मैराथन डबल्स ने रखी जीत की नींव
दरअसल, दिन की शुरुआत 1-1 की बराबरी से हुई थी. इसके बाद युकी भांबरी और धक्षिणेश्वर की जोड़ी ने डेविड पेल और सैंडर एरेंड्स को तीन घंटे तक चले रोमांचक डबल्स मुकाबले में 7-6(0), 3-6, 7-6(1) से हराकर भारत को 2-1 की बढ़त दिलाई. पहला सेट बेहद टाइट रहा, जिसमें टाईब्रेक में भारतीय जोड़ी ने बिना कोई पॉइंट गंवाए दबदबा बनाया. दूसरे सेट में भांबरी की सर्विस में परेशानी का फायदा उठाकर नीदरलैंड्स ने वापसी की. तीसरे सेट में मुकाबला जंग में बदल गया. टर्निंग पॉइंट तब आया, जब एरेंड्स ने बाएं हाथ के इलाज के लिए मेडिकल टाइमआउट लिया. इसके बाद उनकी सर्विस कमजोर हुई और भारत ने मैच अपने नाम कर लिया.
सुमित नागल की हार से निर्णायक था आखिरी मुकाबला
डबल्स का मुकाबला इसलिए जरूरी हो गया था, क्योंकि इससे पहले एकल में सुमित नागल हार गए थे. नागल एक सेट जीतने के बाद दुनिया के 88वें नंबर के खिलाड़ी जेस्पर डी जोंग से हार गए थे. यह मैच करीब तीन घंटे तक चला. जिसमें नागल को 7-5, 1-6, 4-6 से शिकस्त मिली. इसलिए 5वां मुकाबला निर्णायक हो गया था, जिसमें युकी भांबरी और धक्षिणेश्वर की जोड़ी ने कमाल करते हुए भारत को दूसरे दौर में पहुंचा दिया.
ये भी पढ़ें: ‘दुनिया देख रही है’…इंग्लैंड की सांसें अटकाने वाली नेपाल टीम ने जीता युवराज सिंह का दिल…तारीफ में मिली इतनी बड़ी बात