पाकिस्तान में नहीं दम! भारत कर चुका है उसके मैच का बहिष्कार

पाकिस्तान में नहीं दम! भारत कर चुका है उसके मैच का बहिष्कार


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India Boycott Pakistan: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने भारत का आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप में बहिष्कार करते हुए मैच ना खेलने की धमकी दी. आईसीसी के बीच बचाव के बाद फैसला बदल लिया गया. भारतीय टीम ने 1978 में बीच मैच में अंपायर के पक्षपात की वजह से पाकिस्तान के खिलाफ मैच का बहिष्कार कर दिया था.

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साल 1978 में भारत ने बीच मैच में अंपायर के पक्षपात की वजह से किया था पाकिस्तान के खिलाफ मैच का बहिष्कार

नई दिल्ली. भारत और पाकिस्तान के बीच आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप मुकाबले को लेकर चला आ रहा विवाद खत्म हो गया है. 10 दिन तक पीसीबी और पाकिस्तान सरकार के नाटक का अंत आईसीसी की बैठक के बाद सोमवार को हो गया. आईसीसी के सामने पीसीबी ने कई बेमतलब की शर्त रखी थी जिसको माना नहीं गया. ये पहले दिन से मालूम था कि पाकिस्तान भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार कर ही नहीं सकता है. हालांकि भारत ने बीच मैच में एक बार पाक टीम के साथ ऐसा किया था. तब के कप्तान बिशन सिंह बेदी ने ये हिम्मत दिखाई थी.

पाकिस्तान जहां भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करने की धमकी देता रह गया. भारतीय टीम ने करीब 50 साल पहले ऐसा कर चुकी है.  3 नवंबर 1978 को भारत क्रिकेट इतिहास में विपक्षी टीम को मैच सौंपने वाला पहला देश बना था. ऐसा अब तक सिर्फ एक बार और हुआ है. साल  2001 में इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच मुकाबाले में पाक टीम को जीत के लिए 61 गेंद में 4 रन चाहिए थे. दर्शक मैदान में घुस आए थे. तब इंग्लैंड ने बिना खेले पाकिस्तान को विजेता माना था.

1978 में भारत ने मैच क्यों छोड़ा?

साल 1978 पाकिस्तान के खिलाफ वनडे मैच मे भारत जीत की ओर बढ़ रहा था. अंपायर के पक्षपात की वजह से गुस्से में आकर भारतीय कप्तान बिशन सिंह बेदी ने ये फैसला लिया था. पाकिस्तानी अंपायरों पर पहले भी घरेलू टीम के पक्ष में फैसले देने के आरोप लगते रहे हैं. ऐसा ही उस दिन साहीवाल में हुआ. पाकिस्तान ने 40 ओवर में 205/7 रन बनाए थे. जवाब में भारत ने 37 ओवर में 183/2 रन बना लिए थे और उसे 18 गेंद में 23 रन चाहिए थे और  8 विकेट बाकी थे.

पाक गेंदबाजों ने जानबूझकर डाली वाइड

सरफराज नवाज गेंदबाजी करने आए. उन्हें 38वां और 40वां ओवर डालना था, जबकि इमरान खान 39वां ओवर डालने वाले थे. इससे पहले सुरिंदर अमरनाथ ने 62 रन बनाए थे, जबकि अंशुमान गायकवाड़ 78 रन पर खेल रहे थे और दूसरे छोर पर गुंडप्पा विश्वनाथ थे. भारत की जीत लगभग तय लग रही थी, लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था.

क्या थी पाकिस्तान की रणनीति

सरफराज ने एक बाउंसर डाली, जो गायकवाड़ की पहुंच से बाहर थी. बॉल सीधा विकेटकीपर वसीम बारी के हाथों में चली गई. गायकवाड़ को लगा कि यह वाइड है, लेकिन अंपायर ने कोई इशारा नहीं किया. अगली दो गेंद पर भी यही हुआ. जब लगातार चौथी गेंद पर भी यही हुआ तो सब कुछ साफ हो गया. पाकिस्तान ने जानबूझकर भारतीय बल्लेबाजों की पहुंच से बाहर गेंद फेंकी और अंपायर वाइड देने को तैयार नहीं थे.

भारत ने बीच में छोड़ दिया मैच

अब बल्लेबाजों को समझ नहीं आ रहा था कि क्या करें, क्योंकि अब 14 गेंद में 23 रन चाहिए थे. कप्तान बिशन बेदी को सब समझ आ गया और इससे पहले कि यह मजाक बन जाए, उन्होंने मैच पाकिस्तान को सौंप दिया. मैच घरेलू टीम को दे दिया गया और पाकिस्तान ने सीरीज 2-1 से जीत ली. उस घटना के बाद साहीवाल में फिर कभी कोई अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं हुआ.

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Viplove Kumar

15 साल से ज्यादा वक्त से खेल पत्रकारिता से सक्रिय. Etv भारत, ZEE न्यूज की क्रिकेट वेबसाइट में काम किया. दैनिक जागरण वेबसाइट में स्पोर्ट्स हेड रहा. ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, क्रिकेट और फुटबॉल वर्ल्ड कप कवर किया. अक्टूब…और पढ़ें

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