Khargone News: माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं मंगलवार 10 फरवरी 2026 से शुरू हो गई हैं. ये परीक्षाएं 7 मार्च 2026 तक चलेंगी. हायर सेकेंडरी परीक्षा के लिए शिक्षा विभाग ने खरगोन जिले में कुल 87 परीक्षा केंद्र बनाए हैं. जिले में करीब 14 हजार 298 विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा में शामिल हो रहे हैं. पहले दिन कक्षा 12वीं का अंग्रेजी विषय का प्रश्नपत्र हुआ. यह 80 अंकों का था. कई दिनों से परीक्षा की तैयारी में जुटे विद्यार्थियों ने पहला पेपर देकर राहत की सांस ली. परीक्षा केंद्रों से बाहर निकलते समय अधिकांश विद्यार्थियों के चेहरे खिले नजर आए.
विद्यार्थियों के अनुसार, प्रश्नपत्र अधिकतर आसान था, हालांकि कुछ छात्रों को पेपर थोड़ा कठिन भी लगा. Local18 से छात्र मनीष यादव ने बताया, पेपर बहुत अच्छा था और पास होने की कोई चिंता नहीं है. उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्र आने से पहले भगवान भोलेनाथ को जल चढ़ाया था, उनकी कृपा से पेपर सरल आया. मनीष के अनुसार, 80 अंकों के पेपर में 27 नंबर लाने पर पास होते हैं, वहीं 22 नंबर आने पर 5 अंकों का ग्रेस भी मिलता है. सिद्धार्थ राठौड़ ने कहा, पेपर बहुत आसान था. उनके पास क्लास का टॉपर बैठा था, जिससे हौसला मिला और पूरा पेपर हल कर पाए.
सिलेबस से बाहर का कोई सवाल नहीं
दिव्या सोनगर ने बताया, अंग्रेजी का पेपर सरल था और सिलेबस से बाहर का कोई सवाल नहीं आया. मोहिनी आर्य ने कहा कि अंग्रेजी विषय होने के बावजूद पेपर देने में कोई दिक्कत नहीं हुई. अली खान ने बताया कि उनका पेपर बहुत शानदार गया है और 55 से ज्यादा अंक आने की उम्मीद है. प्राची गुप्ता ने कहा कि अंग्रेजी का पेपर बिल्कुल भी कठिन नहीं था. 8 दिन से तैयारी कर रही थी और जो पढ़कर आई थी, वही प्रश्न आए. प्राची को 80 में से 75 अंक आने की उम्मीद है.
एकदम मक्खन जैसा था पेपर
मोहम्मद शाहिद खान ने कहा कि पेपर एकदम मक्खन जैसा था. 70 अंकों का अटेम्प्ट किया है और करीब 50 अंक आने की उम्मीद है. साहिल मिर्जा और शाहिद खान ने बताया कि पेपर देना मजेदार रहा. स्कूल के शिक्षकों द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण प्रश्न भी पेपर में शामिल थे. राजू कुमावत और लक्ष्य राठौड़ ने कहा कि रातभर पढ़ाई की थी, मेहनत सफल रही और 60 से ज्यादा अंक आने की उम्मीद है.
छात्र का आरोप रेगुलर से प्रायवेट हुए
इसी बीच एक छात्र ने गंभीर आरोप भी लगाए. कतरगांव निवासी ऋषभ राठौड़ ने बताया कि वे स्थानीय निजी स्कूल साईं एकेडमी में नियमित छात्र थे और पूरे साल स्कूल भी गए. लेकिन, स्कूल और शिक्षा विभाग की लापरवाही के कारण उन्हें रेगुलर से प्राइवेट कर दिया गया. ऋषभ ने कहा कि परीक्षा के समय उनका प्रवेश पत्र स्वाध्याय यानी प्राइवेट श्रेणी का आया, जबकि उन्होंने नियमित रूप से पढ़ाई की थी.
80 km दूर मिला परीक्षा सेंटर
ऋषभ का परीक्षा केंद्र खरगोन मुख्यालय स्थित देवी अहिल्या शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय क्रमांक 1 मिला, जो उनके गांव से करीब 80 km दूर है. समय पर पहुंचने के लिए उन्हें सुबह बहुत जल्दी घर से निकलना पड़ा. ऋषभ ने बताया कि अब उन्हें प्रैक्टिकल और असाइनमेंट के अंक नहीं मिलेंगे और मार्कशीट पर भी प्राइवेट लिखा आएगा, जिससे उनका भविष्य प्रभावित होगा.