रीवा जिले में आरटीओ (RTO) की सरकारी गाड़ी का उपयोग कर अवैध वसूली का मामला सामने आया है। रीवा-मनगवां मार्ग पर जोगनहाई टोल प्लाजा से करीब 500 मीटर पहले बिना वर्दी और बिना आईडी कार्ड के 7-8 प्राइवेट युवक वाहनों को रोककर पैसों की मांग कर रहे हैं। हाईवे पर यह खेल दिनदहाड़े चल रहा है। आरटीओ की सरकारी बोलेरो के साथ खड़े ये लोग ड्राइवरों से जबरन वसूली कर रहे हैं। फिलहाल आरटीओ की ओर से इस पर कोई बयान नहीं आया है। इस पूरे मामले के प्रत्यक्षदर्शी प्रकाश तिवारी ने बताया कि उन्होंने खुद आरटीओ के दलालों को अवैध वसूली करते देखा है। प्रकाश तिवारी ने कहा, “मैंने भी अपनी आंखों से देखा कि किस तरह से आरटीओ के दलाल अवैध वसूली करते हैं। यह वसूली अक्सर जोगनहाई टोल प्लाजा और उसके आसपास समेत जिले भर में की जाती है। यह सीधी सीधी लूट है। जिन लोगों के पास गाड़ियों के कागजात होते हैं उनसे भी जबरन पैसे मांगे जाते हैं। यह दिन प्रतिदिन बढ़ता ही चला जा रहा है।” कागज होने पर भी घंटों रोकते हैं स्थानीय वाहन चालकों के अनुसार, डर और झंझट से बचने के लिए कई लोग मजबूरी में पैसे दे देते हैं। कई बार कागजात पूरे होने के बावजूद चालकों को घंटों रोका जाता है और मानसिक दबाव बनाकर पैसे मांगे जाते हैं। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर बिना अधिकार के प्राइवेट लोग आरटीओ की गाड़ी के साथ कैसे कार्रवाई कर रहे हैं। अधिकारियों ने साधी चुप्पी दिनदहाड़े हो रही इस वसूली से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, इस पूरे मामले में अभी तक आरटीओ की तरफ से कोई स्पष्टीकरण और आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लोग अब जिला प्रशासन और परिवहन विभाग की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
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