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Mahashivratri Mahakal Darshan News: विश्व बाबा महाकाल के दरबार में महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर श्रद्धालुओं की बेहतर सुविधा के लिए महाकालेश्वर मंदिर समिति ने दर्शन व्यवस्था में एक बड़ा दावा किया है. जिससे श्रद्धांलु आसानी से दर्शन कर सकेगे.
Ujjain News: महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर इस बार भव्य और सुव्यवस्थित दर्शन व्यवस्था की तैयारी है. विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल के दरबार में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन और मंदिर समिति ने विशेष प्लान तैयार किया है, ताकि हर भक्त को दर्शन लाभ मिल सके. मंदिर प्रशासन के अनुसार, सामान्य श्रद्धालुओं को लगभग 40 मिनट के भीतर बाबा महाकाल के दर्शन कराने की व्यवस्था है. वहीं जो श्रद्धालु शीघ्र दर्शन करना चाहते हैं, उनके लिए 250 रुपये के टिकट की सुविधा रहेगी, जिसके माध्यम से 25 मिनट में दर्शन संभव होंगे.
2:30 बजे खुल जाएंगे कपाट
आगे बताया कि प्रशासन का उद्देश्य है कि भीड़ अधिक होने के बावजूद किसी को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े. महाशिवरात्रि के अवसर पर शनिवार और रविवार की दरमियानी रात ठीक 2:30 बजे मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे. इसके साथ ही दर्शन की प्रक्रिया प्रारंभ हो जाएगी. सामान्य श्रद्धालुओं के लिए नृसिंह घाट से कतारबद्ध प्रवेश की व्यवस्था है. यहां से भक्त लाइन में आगे बढ़ते हुए मंदिर परिसर तक पहुंचेंगे.
इस 8 कतारें बनेंगी
महाकाल मंदिर के सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने बताया, इस बार एक समय में आठ अलग-अलग कतारों से श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जाएगा. इससे भीड़ का दबाव कम होगा और दर्शन की गति तेज बनी रहेगी. सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं. पुलिस बल, होमगार्ड और स्वयंसेवकों की तैनाती के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो. महाशिवरात्रि के दिन रविवार को भगवान महाकाल अपने निराकार स्वरूप में दिनभर भक्तों को दर्शन देंगे. यह विशेष दर्शन श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत दुर्लभ और आध्यात्मिक अनुभव का अवसर होता है. भक्त पूरे दिन बाबा के दर्शन कर सकेंगे और शिव भक्ति में लीन रहेंगे.
सोमवार को ऐसे होंगे दर्शन
वहीं, सोमवार सुबह 6 बजे से सेहरा दर्शन की विशेष व्यवस्था रहेगी. इस दौरान बाबा महाकाल का आकर्षक श्रृंगार किया जाएगा, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होते हैं. दोपहर 12 बजे भव्य भस्म आरती संपन्न की जाएगी, जो महाशिवरात्रि के अवसर पर विशेष महत्व रखती है. कुल मिलाकर, महाशिवरात्रि पर बाबा महाकाल के दरबार में आस्था, भक्ति और व्यवस्थाओं का अनूठा संगम देखने को मिलेगा. प्रशासन की यह कोशिश है कि हर श्रद्धालु को शांतिपूर्ण और यादगार दर्शन का अनुभव प्राप्त हो.
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