भारत और पाकिस्तान के बीच आज कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में कांटे की टक्कर होनी है. मैच से पहले दोनों टीमों के कप्तानों के बीच जुबानी जंग शुरू हो चुकी है. पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कप्तान सलमान अगा ने अभिषेक शर्मा को लेकर हमला बोला और उसके बाद सूर्यकुमार ने अभिषेक की बात का मुंहतोड़ जवाब देते हुए बोला कि अब तो वह जरूर खेलेंगे. टीम इंडिया ने इस मैच को लेकर अपनी तैयारी डबल कर दी है. इसी बीच पूर्व भारतीय खिलाड़ी ने भारत पाक मुकाबले में जीतने की एक अलग तरकीब निकाली है. दरअसल, उनका मानना है इस मुकाबले में जीत हासिल करने के लिए विराट कोहली जैसी पारी खेलने की जरूरत होगी. किंग कोहली की तरह रनों के बीच दौड़ और मैच को आखिर तक ले जाने की क्षमता एक मैच विनर की असली पहचान है. पूर्व खिलाड़ी श्रीवत्स गोस्वामी ने कोहली की तारीफ में काफी कुछ कहा है…
कोहली जैसी फुर्ती
पूर्व बंगाल विकेटकीपर-बल्लेबाज श्रीवत्स गोस्वामी का मानना है कि 15 फरवरी को भारत बनाम पाकिस्तान टी20 विश्व कप मुकाबले में आर. प्रेमदासा स्टेडियम की धीमी पिच पर पावर-हिटिंग के बजाय धैर्य की जरूरत होगी. इस अहम मुकाबले से पहले बोलते हुए गोस्वामी ने कहा कि भारत को शायद विराट कोहली जैसी पारी की जरूरत पड़ सकती है . जो विकेटों के बीच तेज दौड़ और सोची-समझी रणनीति पर आधारित हो न कि पूरी तरह से आक्रामक रुख अपनाने की.
‘बड़ा मैदान’
“प्रेमदासा एक बड़ा मैदान है, और पाकिस्तानी टीम ने वहां अभ्यास किया है, इसलिए उन्हें इसका फायदा मिलेगा। भारतीय बल्लेबाजों के लिए यह आसान नहीं होगा. पिछले मैच में हमने देखा कि भारत ने कई छक्के मारे, लेकिन उनमें से बहुत कम बड़े छक्के थे. प्रेमदासा में ऐसे शॉट आउट हो जाते,” गोस्वामी ने इंडिया टुडे को बताया.उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मैच का फैसला अंततः इस बात से हो सकता है कि कौन सी टीम बेहतर और समझदारी से दौड़ती है.
‘कौन बेहतर दौड़ता है’
उन्होंने आगे कहा, “यह ऐसा मैच होने वाला है जिसमें विजेता का फैसला इस बात से हो सकता है कि कौन बेहतर दौड़ता है. एक रन और दो रन. यह ऐसा मैच होगा जिसमें आपको विराट कोहली जैसी पारी की जरूरत होगी. एक रन और दो रन, फिर एक चौका. आप पावरप्ले में जिस तरह से खेलते आ रहे हैं, वैसे खेल सकते हैं, लेकिन उसके बाद आपको गेंद को जोर से मारने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. अपनी दौड़ पर ज्यादा ध्यान दें.”
स्पिन के लिए मददगार प्रेमदासा
गोस्वामी का आकलन जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा के विचारों से मिलता-जुलता है, जिन्होंने हाल ही में बताया था कि इसी मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनकी टीम की जीत में धैर्य कितना महत्वपूर्ण था. रजा ने चेतावनी दी थी कि प्रेमदासा पिच पर 200 रनों का पीछा करने वाली टीमें 140 रनों पर ऑल आउट हो सकती हैं, और इसके बजाय 8-9 रनों की स्थिर रन रेट बनाए रखने की सलाह दी थी. चूंकि पिच स्पिन गेंदबाजों के लिए मददगार साबित हो सकती है, इसलिए बल्ले से कुशल बल्लेबाजी बेहद जरूरी होगी.170-190 रनों का स्कोर ऐसी पिच पर प्रतिस्पर्धी साबित हो सकता है जहां शॉट लगाना आसान नहीं है.
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