10वीं पास मशरूम दीदी! पहले खुद सीखा अब दूसरों को दे रहीं ट्रेनिंग, पीएम के ‘मन की बात’ में भी जिक्र!

10वीं पास मशरूम दीदी! पहले खुद सीखा अब दूसरों को दे रहीं ट्रेनिंग, पीएम के ‘मन की बात’ में भी जिक्र!


Last Updated:

Suma Uike Mushroom Didi story: बालाघाट जिले की सुमा उइके आज आत्मनिर्भरता की मिसाल बन चुकी हैं. 10वीं तक पढ़ाई के बाद शादी और घरेलू जिम्मेदारियों में उलझी रहीं, लेकिन 2014 में समूह से जुड़कर उन्होंने नए कौशल सीखे. प्रधानमंत्री मुद्रा लोन से 6 लाख रुपये लेकर थर्मल थेरेपी सेंटर शुरू किया और तीन लोगों को रोजगार दिया. उनके काम का जिक्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 123वें एपिसोड में भी हुआ, जिसके बाद उन्हें ‘मशरूम दीदी’ के नाम से पहचान मिली.

बालाघाट. जिले की कटंगी तहसील के अंतर्गत आने वाले छोटे से गांव भजियापार की रहने वाली सुमा उइके अब इलाके में एक आत्मनिर्भरता की मिसाल बन चुकी है. एक वक्त था, तब वह सिर्फ खेती बाड़ी और घरेलू काम कर अपना जीवन यापन करती थी. लेकिन बदलते वक्त के साथ उन्होंने अपनी बेड़ियां तोड़ी और एक नई उड़ान भर रही है. घर के चूल्हे चौके से निकलकर वह बड़े-बड़े मंचों से दूसरों को आत्मनिर्भरता की ट्रेनिंग देती हैं. इसके लिए उन्हें दूर-दूर से बुलाया जाता है. वह एक नहीं कई व्यवसाय चला रही है. ऐसे में लोकल 18 ने सुमा उइके से बातचीत की और उनकी यात्रा को समझने की कोशिश की.

बात 29 जून की है तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रचलित कार्यक्रम मन की बात का 123वां एपिसोड प्रसारित हो रहा था. किसी को क्या ही पता था कि कटंगी के छोटे से गांव भजियापार की रहने वाली सुमा उइके का जिक्र होगा. वैसे तो वह लंबे समय से संघर्ष कर रही थी लेकिन पीएम के नाम लेने के बाद उनके संघर्ष को एक नई पहचान मिली और पहचाने जाने लगी मशरूम दीदी के नाम से. उसके बाद दर्जनों महिलाओं को मशरूम की खेती से ट्रेनिंग दे चुकी हैं. सुमा कहती हैं कि जो उन्होंने सीखा है अब वहीं दूसरों को सीखा आत्म निर्भर बनाना चाहती हैं.

सिर्फ 10वीं पास दीदी दे रही दूसरों को रोजगार
सुमा उइके बताती हैं कि वह सिर्फ 10वीं तक ही पढ़ी हैं. इसके बाद उनकी शादी कम उम्र में ही हो गई. लंबे समय तक वह सिर्फ एक हाउसवाइफ के तौर पर ही काम करती रहीं. लेकिन साल 2014 के में वह एक सम्हालता समूह से जूड़ी. इसके बाद उन्होंने स्किल्स सीखें, जिसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री मुद्रा लोन की मदद से थर्मल थेरेपी सेंटर खोला. इसमें उन्होंने कई लोगों को रोजगार भी दिया और हर माह तगड़ी कमाई भी कर रही है.

हर महीने 19 हजार की कमाई
सुमा दीदी ने प्रधानमंत्री मुद्रा लोन की मदद से 6 लाख रुपये का लोन लिया था. वैसे इसे 14 प्रतिशत लेकिन महिला और आदिवासी समुदाय से होने के कारण उन्हें 5 प्रतिशत की छूट दी गई है. वहीं, 3 लोगों को रोजगार भी दे रही हैं. आगे बीस महिलाओं को और जोड़ने की योजना है. सुमा ने अपने परिवार की मदद से अपनी आय में भी इजाफा किया है. अब उनकी मासिक आय लगभग 19 हजार रुपए हो गई है.

दूर-दूर जा रही मशरूम की खेती की ट्रेनिंग
सुमा उइके ने साल 2019 में आर-सेटी (RSEETI ) से ऑर्गेनिक मशरूम उत्पादन और CTC में पशुपालन की ट्रेनिंग ली. इसके बाद से उन्होंने खुद ही घर पर मशरूम उत्पादन किया. वहीं, बाद में उन्होंने खुद ट्रेनिंग देना शुरू किया. अब वह न सिर्फ बालाघाट में बल्कि दूसरे जिलों में जाकर किसानों को मशरूम उत्पादन की ट्रेनिंग दे रही है. उन्हें यूनिवर्सिटीज में ट्रेनिंग देने के लिए बुलाया जाता है. अब वह युवाओं को सफलता का मंत्र भी दे रही हैं. अब वह कटंगी में आत्मनिर्भर महिला के रूप में जानी जा रही है.

About the Author

Dallu Slathia

Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 7 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across …और पढ़ें



Source link