एमपी बजट: महिलाओं के लिए खुला सरकार का खजाना, लाडली बहनों को 3 हजार वाले वादे का इंतजार, जानें क्या बोलीं

एमपी बजट: महिलाओं के लिए खुला सरकार का खजाना, लाडली बहनों को 3 हजार वाले वादे का इंतजार, जानें क्या बोलीं


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महिला कल्याण में मध्य प्रदेश सरकार इस बार करीब 1 करोड़ 27 लाख 555 करोड़ रुपए निवेश करने वाली है. इसमें सबसे ज्यादा लोगों की नजर लाडली बहना योजना पर है. इसमें पहले ही 1250 रुपए से बढ़ाकर 1500 रुपए किए गए हैं. वहीं लाडली लक्ष्मी योजना 1801 करोड़ रुपए, यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना 700 करोड़ रुपए दिए गए हैं. जानें बालाघाट की महिलाएं क्या बाेलीं…

बालाघाट: मध्य प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 बजट पेश कर दिया है. इस बार बजट की थीम GYAN है, जिसका अर्थ गरीब, युवा, अन्नदाता यानी किसान, नारी और इंफ्रास्ट्रक्चर है. 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपए के बजट में महिलाओं के लिए रहा? इस सवाल के जवाब में बालाघाट की महिलाओं ने कई कई उम्मीदें तो कुछ ने नाराजगी जाहिर की.

महिला कल्याण में मध्य प्रदेश सरकार इस बार करीब 1 करोड़ 27 लाख 555 करोड़ रुपए निवेश करने वाली है. इसमें सबसे ज्यादा लोगों की नजर लाडली बहना योजना पर है. इसमें पहले ही 1250 रुपए से बढ़ाकर 1500 रुपए किए गए हैं. वहीं, लाडली लक्ष्मी योजना 1801 करोड़ रुपए, यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना 700 करोड़ रुपए दिए गए है. ऐसे में लोकल 18 ने बालाघाट की महिलाओं से बातचीत की है.

कोई योजना का लाभ नहीं मिलता
लोकल 18 सबसे पहले सब्जी बेचकर जीवन यापन करने वाली प्रमिला रामटेके से बातचीत की. उन्होंने बताया कि मुझे कोई योजना का लाभ नहीं मिल रहा है. बजट आया है, मुझे कोई जानकारी नहीं है. फिर भी मुझे निराश्रित या फिर लाडली बहना योजना का लाभ मिलना चाहिए.

चुनाव में तो 3000 देंगे बोले थे…
बांस के टोकनी बनाने वाली शिल्पकार रोशनी ने बताया, शासन से मिल रही योजना से भाईदूज के समय से 1500 रुपए पहले से मिल रहे हैं. वहीं, इन पैसों से काफी मदद मिल रही है. बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं. ऐसे में बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने में काम आते हैं. ये योजना बेहद लाभकारी है. लेकिन, सरकार ने चुनाव में वादा किया था कि सत्ता में आएंगे तो 3000 रुपए देंगे. अब बस उसी का इंतजार है. आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अभिलाषा बालाधारे का कहना है कि शुरुआत के बाद से धीरे-धीरे रकम बढ़ रही है. ये पैसे उनके घरेलू काम में आते हैं और साथ बच्चों की पढ़ाई में आते हैं.

सरकार से मिलने वाले पैसे से रोजगार
सविता जो टोकना बनाने का काम करती हैं ने बताया, शासन से मिलने वाले पैसे से वह सिर्फ अपने व्यवसाय में कच्चे माल में निवेश कर रही हैं. लेकिन, वह शासन से मिलने वाली राशि से संतुष्ट नहीं है. उनका कहना है कि 1500 रुपए का क्या होता है. वहीं, सरकार को यह रकम बढ़ानी चाहिए. योजना से सरकार पर कर्ज बढ़ रहा है, लेकिन बंद नहीं होना चाहिए.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें



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