शिवम दुबे कहां से लाते हैं इतनी ताकत? किस टेक्निक से लगाते हैं इतने लंबे छक्के

शिवम दुबे कहां से लाते हैं इतनी ताकत? किस टेक्निक से लगाते हैं इतने लंबे छक्के


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शिवम दुबे कहां से लाते हैं इतनी ताकत? किस टेक्निक से लगाते हैं इतने लंबे छक्के

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Shivam Dube T20 World Cup: ज्यादा पुरानी बात नहीं है, जब शिवम दुबे तेज बॉडी लाइन और लैंथ बॉल न खेल पाने के लिए बदनाम थे. दुबे ने अपनी कमजोरी पर काम किया और अपने कोचों के साथ मिलकर उछाल भरी लाल मिट्टी की पिचों पर 18 गज की दूरी से लेंथ बॉल का सामना करना शुरू कर दिया, ताकि उनका रिएक्शन टाइम सुधर सके.

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शिवम दुबे

अहमदाबाद: छह फीट चार इंच लंबे शिवम दुबे जब छक्के मारते हैं तो गेंदबाज पानी मांगते हैं. अगर गेंद दुबे के रडार में आई तो उसे मैदान से बाहर जाने से कोई नहीं रोक सकता. मगर हमेशा से ऐसा नहीं था. नेचुरल टैलेंट रखने वाले शिवम ने अपनी बैटिंग स्किल्स पर जमकर काम किया तब जाकर ये फॉर्म पाया. बीती रात टीम इंडिया के इस स्टार ऑलराउंडर ने टी-20 वर्ल्ड कप में 31 गेंद में 66 रन बनाते हुए भारत की नीदरलैंड्स पर 17 रन की जीत में अहम रोल निभाया.

66 में से 40 रन बाउंड्री से आए
बाएं हाथ के विस्फोटक बल्लेबाज ने अपने T20I करियर का बेस्ट स्कोर भी बनाया. चलिए समझने की कोशिश करते हैं कि आखिर उनकी डिल-डौल के दूसरे बल्लेबाज इतने लंबे-लंबे छक्के क्यों नहीं उड़ा पाते, जैसे दुबे मारते हैं. नरेंद्र मोदी स्टेडियम में बुधवार रात नीदरलैंड्स के खिलाफ सुपर-8 मुकाबले से पहले आखिरी ग्रुप मैच में शिवम ने छह छक्के और चार चौके ठोके. 17वें ओवर में वान बीक पर दो छक्कों और एक चौके से 25 गेंद में अर्धशतक पूरा करने वाले इस खिलाड़ी को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया.

किस तकनीक से पावर जनरेट करते हैं शिवम
कमेंट्री बॉक्स में मौजूद इरफान पठान ने शिवम दुबे की तकनीक पर तफ्सील से बात की. 2007 टी-20 वर्ल्ड चैंपियन भारतीय टीम के मेंबर रहे इरफान ने समझाया कि कैसे शिवम दुबे इतनी पावर जनरेट कर पाते हैं कि आसानी से लंबे-लंबे छक्के लग पाए. अपने दौर के दिग्गज ऑलराउंडर रहे पठान ने कहा:

शिवम अगला पैर खुला रखते हैं और लॉन्ग ऑन के इलाके को टारगेट करते हैं. अगला पैर लेग स्टंप के बाहर, उसके बाद जो गेंद हल्की सी ऑफ स्टंप के बाहर मिलती है, उसे लेग स्टंप पर लपेट देते हैं. हाथ जिस तरह से हिप्स से बाहर जाता है, वो उन्हें ऑफ स्टंप की ओर छक्का दागने में मदद करता है और उनके बैट फ्लो में कोई रुकावट नहीं होती.

खुद पर मेहनत का फल मिल रहा
शिवम दुबे अब क्रीज पर जमे नहीं रहते. अब यह विश्वास है कि वे मिडविकेट से किसी भी शॉर्ट गेंद को आसानी से मार सकते हैं. पॉइंट के ऊपर से स्लैश शॉट, स्क्वायर के पीछे नियंत्रित पुल शॉट, फाइन लेग के ऊपर से पिक-अप फ्लिक, गेंद के लेग साइड पर रहकर ऑफ-साइड एंगल्स का फायदा उठाना, इन सारी टेक्निक से उन्होंने तेज गेंदबाजी के खिलाफ खुद को और ज्यादा सहज बना लिया है. आंकड़े खुद कहानी बयां करते हैं. 2024 टी-20 विश्व कप तक तेज गेंदबाजों के खिलाफ दुबे का स्ट्राइक रेट 134 के आसपास था, जो बहुत प्रभावशाली नहीं था. अब यह बढ़कर 172 का हो चुका है.

बैटिंग में भी बॉलिंग जितनी ही मेहनत कर रहे
शिवम दुबे ने सिर्फ तूफानी 66 रन नहीं बनाए बल्कि इसके बाद गेंद से भी कमाल किया और 35 रन देकर दो विकेट भी झटके. दुबे ने प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड मिलने के बाद बताया कि वह अपनी बल्लेबाजी के साथ-साथ गेंदबाजी पर भी काफी मेहनत कर रहे हैं. शिवम दुबे ने विराट कोहली की कप्तानी में बांग्लादेश के खिलाफ 2019 में अपना टी-20 डेब्यू किया था.

About the Author

Anshul Talmale

अंशुल तलमले फरवरी 2025 से नेटवर्क18 ग्रुप में डिप्टी न्यूज एडिटर की जर्सी पहनकर स्पोर्ट्स डेस्क की कप्तानी कर रहे हैं. जबरदस्त स्ट्राइक रेट के साथ पिछले एक दशक से उनकी नाबाद पारी जारी है. अपनी ऑलराउंड क्षमता के…और पढ़ें



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