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Gardening Tips: गार्डनिंग एक्सपर्ट रामसिया पटेल ने कहा कि ग्राफ्टिंग के जरिए एक ही पौधे में अलग-अलग रंगों के गुलाब उगाए जा सकते हैं. पहले दो वैरायटी से शुरू करना चाहिए. अनुभव बढ़ने पर तीन से चार रंगों तक एक ही पौधे में लगाए जा सकते हैं.
सीधी. फरवरी का महीना गार्डनिंग के शौकीनों के लिए बेहद खास माना जाता है. इस समय मौसम न ज्यादा ठंडा रहता है और न ही तेज गर्मी पड़ती है, जिससे नए पौधों को जड़ पकड़ने में आसानी होती है. खासतौर पर गुलाब के पौधों पर यदि फरवरी में ग्राफ्टिंग की जाए, तो गर्मियों की शुरुआत तक पौधा रंग-बिरंगे फूलों से लद सकता है. नर्सरी में जब मल्टीकलर रोज प्लांट नजर आता है, तो हर किसी का मन उसे खरीदने का करता है. हाइब्रिड के नाम पर ऐसे पौधे काफी महंगे दामों में बेचे जाते हैं लेकिन अच्छी बात यह है कि आप घर पर ही अपने साधारण गुलाब के पौधे को मल्टीकलर बना सकते हैं. इसके लिए सिर्फ सही ग्राफ्टिंग तकनीक अपनानी होगी.
बड आसानी से फिट हो जाए
उन्होंने कहा कि छाल को पूरी तरह अलग नहीं करना है बल्कि इतना स्थान बनाना है कि बड आसानी से उसमें फिट हो जाए. बड को इस तरह लगाएं कि जहां से नई टहनी निकलेगी, वह हिस्सा बाहर की ओर रहे. इसके बाद सॉफ्ट पॉलीथीन या पतली रस्सी से ऊपर और नीचे हल्के हाथ से बांध दें. ध्यान रखें कि बड का उभरने वाला भाग ढका न हो. ग्राफ्टिंग के बाद पौधे की सही देखभाल बेहद जरूरी है. हमेशा हेल्दी पौधा चुनें क्योंकि बीमार या कीटग्रस्त पौधे में ग्राफ्टिंग सफल नहीं होती. गुलाब को भरपूर धूप, संतुलित पानी और नियमित खाद की जरूरत होती है. मिट्टी की नमी देखकर ही सिंचाई करें क्योंकि ज्यादा पानी से जड़ें सड़ सकती हैं. हर 15 से 20 दिन में जैविक या कंपोस्ट खाद देना फायदेमंद रहता है.
कम खर्च में आकर्षक होगा गार्डन
उन्होंने कहा कि यदि फरवरी में सही तरीके से ग्राफ्टिंग की जाए, तो कुछ ही हफ्तों में नई टहनियां निकलने लगती हैं और गर्मियों तक आपका पौधा रंग-बिरंगे फूलों से भर सकता है. इस आसान तकनीक से आप कम खर्च में अपने गार्डन को आकर्षक और खास बना सकते हैं.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.