शिवपुरी. साइबर अपराधियों पर करारा प्रहार करते हुए शिवपुरी में पुलिस ने एक बड़े संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है. यह गिरोह अश्लील वीडियो रिकॉर्डिंग कर डिजिटल गिरफ्तारी और बलात्कार के झूठे केस की धमकी देकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी की जा रही थी. गत एक सप्ताह में एसपी डॉ अमन सिंह राठौड़ के निर्देशन में 9 पुलिस टीमों ने 4 एफआईआर दर्ज कीं, जिसमें कुल 32 आरोपियों को नामजद किया गया और 20 को गिरफ्तार कर लिया गया है. गिरफ्तारियों में 19 पुरुष और 1 महिला शामिल हैं. पुलिस ने अपराध में प्रयुक्त सामग्री जब्त की, जिसमें 29 मोबाइल फोन, 7 लग्जरी चार पहिया वाहन (अनुमानित मूल्य 1 करोड़ रुपये), 1 बाइक, 1.20 लाख रुपये नगद, 16 एटीएम कार्ड, 7 बैंक पासबुक, क्रेडिट कार्ड और सिम कार्ड शामिल हैं. एक आरोपी द्वारा ठगी से खरीदा गया मकान भी अटैच कर लिया गया है.
पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह कार्रवाई प्रदेश स्तर पर चल रहे ‘ऑपरेशन मेट्रिक्स’ का हिस्सा है, जो फर्जी म्यूल अकाउंट्स और साइबर ठगी पर लगाम कसने के लिए चलाया जा रहा है. आरोपी विभिन्न अनसेफ ऐप्स जैसे HIIU, TOKKI, MIKA, ELOELO, GAGA, HANI, SUGO, COMMECTO, HITSU, HONEY, COMET के माध्यम से महिलाओं के प्रोफाइल बनाकर अश्लील चैट करते थे. पीड़ित कंफर्ट जोन में आने पर वीडियो कॉल का लालच देते और स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर ब्लैकमेल करते थे. ठगी की राशि 20 हजार से 1 लाख तक होती थी. एसपी ने बताया कि पीड़ित अलग-अलग राज्यों जैसे गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र से हैं. यह गिरोह ज्यादातर यूपी और अन्य हॉटस्पॉट्स से संचालित होता था.
पुलिस अधिकारी बनकर धमकी और फिर लाखों की वसूली
गिरोह पीड़ितों को फंसाने के लिए फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर धमकाता था, जिससे लोग डर से पैसे ट्रांसफर कर देते थे. एसपी राठौड़ ने बाइट में कहा कि भारत सरकार का ‘डिजिटल इंडिया’ पोर्टल और अन्य कंप्लेंट सिस्टम से शेयरिंग हो रही है, जिससे हॉटस्पॉट्स की पहचान आसान हुई. उन्होंने लोगों से जागरूक रहने की अपील की, क्योंकि साइबर क्राइम में आरोपी और पीड़ित कभी आमने-सामने नहीं होते. ऑपरेशन मेट्रिक्स में संदिग्ध ट्रांजेक्शन वाले अकाउंट्स को ट्रैक कर कार्रवाई की जा रही है. गिरफ्तार आरोपी झांसी, कुंडल, प्रजापति आदि क्षेत्रों से हैं.
महिलाओं के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाकर फंसाते थे
एसपी राठौड़ ने कहा कि साइबर क्राइम रोकने के लिए जागरूकता जरूरी है. लोग अनसेफ ऐप्स से बचें और शिकायत पोर्टल पर दर्ज करें. अभियान जारी रहेगा. यह सफलता साइबर अपराधों के खिलाफ पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच की मिसाल है, जहां एसडीओपी करैरा आयुष जाखड़ और एसडीओपी पिछोर प्रशांत शर्मा के नेतृत्व में टीमों ने त्वरित एक्शन लिया. पुलिस ने ऐप्स को अनसेफ बताते हुए लोगों से इनके इस्तेमाल से बचने की सलाह दी. यह कार्रवाई न केवल ठगी रोकने में मददगार है, बल्कि साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाती है. एसपी ने कहा कि नेक्सस तोड़ने तक अभियान जारी रहेगा. आरोपी महिलाओं के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाकर चैट शुरू करते थे. 500 रुपये ट्रांसफर करवाकर विश्वास जीतते, फिर वीडियो कॉल का लालच देते. स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर ब्लैकमेल करते और फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर झूठे बलात्कार केस की धमकी देते.