ग्वालियर में पुलिस का क्विक रिस्पॉन्स सामने आया है। बहोड़ापुर क्षेत्र के सदाशिव नगर में शनिवार सुबह एक युवती ने पारिवारिक विवाद के बाद खुद को कमरे में बंद कर लिया और फांसी लगाने की तैयारी करने लगी। परिजनों ने तुरंत डायल-112 पर सूचना दी। सूचना मिलते ही महज दो मिनट के भीतर एफआरवी (फर्स्ट रिस्पॉन्स व्हीकल) और बहोड़ापुर टीआई आलोक परिहार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। जब पुलिस ने दरवाजा खोला, तब युवती गले में फंदा डाल चुकी थी। पुलिस ने तत्काल दरवाजा तोड़कर उसे नीचे उतारा और अस्पताल भिजवाया। पुलिस की तत्परता से युवती की जान तो बच गई, लेकिन उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। फिलहाल वह बेहोश है। घटना शनिवार सुबह करीब 6 बजे की बताई जा रही है। मामले का एक वीडियो भी सामने आया है। पुलिस पहुंची तो फंदा तैयार कर रही थी युवती ग्वालियर के बहोड़ापुर थाना क्षेत्र स्थित सदाशिव नगर की रहने वाली 20 वर्षीय युवती बीए की छात्रा है। रविवार सुबह किसी बात पर नाराज होकर वह परिजनों को धमकी देते हुए अपने कमरे में चली गई और अंदर से गेट बंद कर लिया। अनहोनी की आशंका को देखते हुए परिजनों ने तुरंत डायल-112 पर सूचना दी। सूचना मिलते ही एफआरवी-16 मौके पर पहुंची। इसी दौरान सुबह गश्त पर निकले बहोड़ापुर थाना प्रभारी आलोक सिंह परिहार और आरक्षक योगेन्द्र सिंह सिकरवार भी घटनास्थल पर पहुंच गए। पुलिस ने युवती को आवाज देकर गेट खोलने के लिए कहा, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इस पर एक पुलिसकर्मी ने दरवाजे के ऊपर लगे जंगले से झांककर देखा तो युवती कमरे के अंदर फांसी का फंदा तैयार करती नजर आई। इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने फंदे से उतारकर पहुंचाया अस्पताल युवती को फांसी का फंदा बनाते देख थाना प्रभारी आलोक परिहार ने परिजनों और पुलिस जवानों की मदद से तुरंत दरवाजा तोड़ा। पुलिस ने युवती के पैर पकड़कर उसे संभाला, वहीं अन्य जवानों ने फंदा काटकर उसे नीचे उतारा। हालांकि तब तक युवती बेहोश हो चुकी थी। उसे तत्काल इलाज के लिए जयारोग्य अस्पताल (JAH) पहुंचाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर उसे आगे उपचार के लिए 1000 बिस्तर अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिलहाल युवती की स्थिति गंभीर बनी हुई है। होश में आने पर पता चलेगा कारण युवती फिलहाल बेहोश है और बयान देने की स्थिति में नहीं है। पुलिस का कहना है कि उसके होश में आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उसने किन कारणों से आत्मघाती कदम उठाने का प्रयास किया था। देर होती तो जा सकती थी जान डॉक्टरों के अनुसार समय रहते युवती को फंदे से उतार लिया गया, इसी वजह से उसकी जान बच सकी। डॉक्टरों का कहना है कि यदि उसे झटका लग जाता तो गर्दन की हड्डी टूट सकती थी और उसे बचाना मुश्किल हो जाता। फिलहाल युवती बेहोश है, लेकिन अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। युवती के होश में आने के बाद बयान होंगे मामले की जानकारी देते हुए बहोड़ापुर थाना प्रभारी आलोक परिहार ने बताया कि युवती ने फांसी लगाकर जान देने का प्रयास किया था। समय रहते पुलिस और परिजनों की मदद से उसे बचा लिया गया। उन्होंने कहा कि युवती अभी बेहोश है, होश में आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उसने किन कारणों से यह कदम उठाया था।
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