देश के साथ विदेशी बाजारों में भी इस ‘मेड इन इंडिया’ कार का जलवा! दनादन हो रहा एक्सपोर्ट

देश के साथ विदेशी बाजारों में भी इस ‘मेड इन इंडिया’ कार का जलवा! दनादन हो रहा एक्सपोर्ट


भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कार मार्केट है. चीन और अमेरिका के बाद हमारे देश में ही सबसे ज्यादा गाड़ियां-खरीदी और बेची जाती हैं. भारत में बनी कार घरेलू बाजार में बिकने के साथ-साथ एक्सपोर्ट भी की जाती हैं. पिछले महीने की बात करें, तो मेड इन इंडिया गाड़ियों ने विदेशी बाजार में भी काफी जलवा बिखेरा है. पिछले महीने कुल 77,666 यूनिट एक्सपोर्ट की गई हैं.

ये आंकड़ा जनवरी 2025 में विदेशी मार्केट में भेजी गई कुल 57,026 यूनिट के मुकाबले सालाना स्तर पर आई 36 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी को दर्शाता है. एक ओर Maruti Fronx जनवरी 2025 में सबसे ज्यादा विदेशी बाजार में भेजी गई कार रही. वहीं, Maruti Jimny, S-Presso, Swift और Hyundai Grand i10 का एक्सपोर्ट भी बढ़ा है. आइए, मेड इन इंडिया कारों की एक्सपोर्ट रिपोर्ट पर एक नजर डालते हैं.

मारुति फ्रॉन्क्स

जैसा कि आपको बताया, पहले नंबर पर फ्रॉन्क्स है. पिछले महीने इसकी कुल 10,938 यूनिट विदेशी मार्केट भेजी गईं. ये आंकड़ा जनवरी 2025 में एक्सपोर्ट की गई कुल 7931 यूनिट के मुकाबले सालाना स्तर पर आई 37.91 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी को दर्शाता है.

मारुति जिम्नी

एक्सपोर्ट के मामले में दूसरे नंबर पर मारुति जिम्नी है. पिछले महीने कंपनी ने इसकी कुल 7970 यूनिट एक्सपोर्ट की हैं. ये आंकड़ा जनवरी 2025 में भेजी गई 1958 यूनिट के मुकाबले सालाना स्तर पर आई 307 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी को दर्शाता है.

मारुति एसप्रेसो

लिस्ट में तीसरे नंबर पर एसप्रेसो है. इस छोटी कार की पिछले महीने 6687 यूनिट एक्सपोर्ट की गई हैं. ये आंकड़ा जनवरी 2025 में विदेश भेजी गई 2429 यूनिट के मुकाबले सालाना स्तर पर 175 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दर्शाता है.

मारुति स्विफ्ट

एक्सपोर्ट के मामले में चौथे नंबर पर मारुति स्विफ्ट है. पिछले महीने इस हैचबैक की कुल 5589 यूनिट एक्सपोर्ट हुई हैं. ये आंकड़ा जनवरी 2025 में भेजी गई इसकी कुल 3982 यूनिट के मुकाबले सालाना स्तर पर आई 40 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी को दर्शाता है.

हुंडई ग्रैंड आई10

टॉप-5 की लिस्ट में हुंडई ग्रैंड आई10 अंतिम स्थान पर है. पिछले महीने इसकी कुल 4827 यूनिट विदेश भेजी गईं. ये आंकड़ा जनवरी 2025 में एक्सपोर्ट की गई कुल 2846 यूनिट के मुकाबले सालाना स्तर पर आई 69.61 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी को दर्शाता है.

ऊपर बताई गई टॉप-5 कारों के अलावा पिछले महीने हुंडई वर्ना की 4734 यूनिट, मारुति डिजायर की 3839 यूनिट, टोयोटा हायराइडर की 3240 यूनिट, मारुति बलेनो की 3229 यूनिट, मारुति सेलेरिओ की 2986 यूनिट, मारुति ई विटारा की 2940 यूनिट, निसान मैग्नाइट की 2359 यूनिट, हुंडई ऑरा की 2344 यूनिट, मारुति अर्टिगा की 2343 यूनिट, मारुति विक्टोरिस की 1478 यूनिट, मारुति ईको की 1072 यूनिट विदेशी बाजारों में गई हैं.

इसके अलावा, किआ सोनेट की 956 यूनिट, किआ कैरेंस की 814 यूनिट, मारुति ऑल्टो की 802 यूनिट, मारुति ग्रैंड विटारा की 669 यूनिट, हुंडई आई 20 की 645 यूनिट, हुंडई क्रेटा की 608 यूनिट, निसान सनी की 586 यूनिट, महिंद्रा एक्सयूवी 3एक्सओ की 501 यूनिट, सिट्रोएन सी3 की 468 यूनिट, हुंडई अल्कजार की 440 यूनिट, VW वर्टस की 377 यूनिट, होंडा सिटी की 359 यूनिट, हुंडई एक्सटर की 343 यूनिट और होंडा एलीवेट की 309 यूनिट एक्सपोर्ट की गई हैं.



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