मुंबई. वेस्टइंडीज की टीम बहुत आत्मविश्वास के साथ सोमवार को टी20 वर्ल्ड कप के सुपर आठ मैच में जिम्बाब्वे के जज्बे से सतर्क रहना चाहेगी. दोनों टीमें अभी तक टूर्नामेंट में अजेय रही हैं और इस सिलसिले को जारी रखने के लिए पूरी कोशिश करेंगी. वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे दोनों ने अपने-अपने ग्रुप में टॉप पर रहकर अगले दौर में जगह बनाई है, लेकिन असली चुनौती अभी बाकी है. दो बार की चैंपियन वेस्टइंडीज के लिए यह फॉर्मेट में कड़ी परीक्षा होगी, जिसमें वह आमतौर पर शानदार खेल दिखाती है. पूर्व चैंपियन कप्तान डेरेन सैमी की कोचिंग में टीम ने अब तक एकजुट होकर अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन लगातार अच्छा खेलना सबसे बड़ी चुनौती होगी. वेस्टइंडीज ने लगातार चार मैच जीतकर यह साबित कर दिया है कि टी20 वर्ल्ड कप से पहले सात द्विपक्षीय सीरीज में मिली हार अब बीते वक्त की बात हो गई है.
कैरेबियाई टीम फिर से मजबूत दावेदार बनकर उभरी है. उसने इंग्लैंड के खिलाफ शानदार जीत दर्ज की और कमजोर टीमों को आसानी से हराया. कप्तान शाई होप (155 रन, दो अर्धशतक) ने फॉर्म में वापसी की है, शिमरोन हेटमायर (134) ने नंबर तीन पर शानदार खेल दिखाया है. जेसन होल्डर और रोस्टन चेज ने भी टीम को मजबूती दी है. शेरफेन रदरफोर्ड (126) की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी वेस्टइंडीज के लिए अहम रही है. रोमारियो शेफर्ड की ऑलराउंड क्षमता से टीम को संतुलन मिला है, और वह आईपीएल में वानखेड़े में खेलने के अपने अनुभव का फायदा उठाना चाहेंगे. दूसरी तरफ जिम्बाब्वे ने अपने शानदार प्रदर्शन से क्रिकेट जगत में नई उम्मीद जगाई है. उसने ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका को हराकर सबको चौंका दिया था और अब वह साबित करना चाहेगा कि उसकी जीत सिर्फ संयोग नहीं थी.
वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे के बीच सोमवार को सुपर 8 मैच खेला जाएगा.
जिम्बाब्वे ने सुपर आठ में पहुंचकर अपना सबसे बड़ा लक्ष्य हासिल कर लिया है. अब उसका सामना वेस्टइंडीज, दक्षिण अफ्रीका और भारत से होगा. उसके खिलाड़ियों के जज्बे को देखते हुए अगर वह फिर से कोई उलटफेर करता है तो किसी को हैरानी नहीं होगी. जिम्बाब्वे के लिए युवा ब्रायन बेनेट बल्लेबाजी में स्टार रहे हैं. उन्होंने दो अर्धशतक लगाए हैं और कुल 175 रन बनाकर टीम के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं. दिलचस्प बात यह है कि 22 साल के इस बल्लेबाज ने टी20 वर्ल्ड कप में अभी तक एक भी छक्का नहीं लगाया है. वेस्टइंडीज इस बात को नजरअंदाज नहीं कर सकता. जिम्बाब्वे ने इस टूर्नामेंट में कुल आठ छक्के लगाए हैं, जबकि वेस्टइंडीज ने चार मैचों में ही 36 छक्के जड़े हैं.
सिकंदर रजा की कप्तानी वाली जिम्बाब्वे टीम ने अपने सभी लीग मैच श्रीलंका की चुनौतीपूर्ण पिचों पर खेले, जबकि वेस्टइंडीज भारत में ही खेल रही थी. वानखेड़े स्टेडियम में बाउंड्री छोटी है और पिच सपाट है, जिससे वेस्टइंडीज को फायदा मिल सकता है. इससे जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी (09 विकेट) और ब्रैड इवांस (08) को नई चुनौती मिलेगी. लेकिन श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीमों पर मिली जीत से साफ है कि जिम्बाब्वे अपने विरोधियों को कड़ी टक्कर देने के लिए तैयार है. इसलिए वेस्टइंडीज को किसी भी तरह की लापरवाही भारी पड़ सकती है.
टीम इस प्रकार हैं: वेस्टइंडीज: शाई होप (कप्तान और विकेटकीपर), जॉनसन चार्ल्स (विकेटकीपर), शिमरोन हेटमायर, ब्रैंडन किंग, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, क्विंटिन सैम्पसन, रोस्टन चेज, जेसन होल्डर, रोमारियो शेफर्ड, मैथ्यू फोर्डे, अकील हुसैन, शमर जोसेफ, गुडाकेश मोती, जेडन सील्स.
जिम्बाब्वे: सिकंदर रजा (कप्तान), बेन कुरेन, क्लाइव मदांडे (विकेटकीपर), तादिवानाशे मारुमानी, डायोन मेयर्स, ब्रायन बेनेट, रयान बर्ल, ब्रैड इवांस, टोनी मुनयोंगा, ताशिंगा मुसेकिवा, ग्रीम क्रेमर, टिनोटेन्डा मापोसा, वेलिंगटन मसाकाद्जा, ब्लेसिंग मुजरबानी, रिचर्ड नगारवा.