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MP Bus Strike: सागर सहित मध्य प्रदेश के 55 जिलों में 2 मार्च से ऐतिहासिक यात्री बस हड़ताल की घोषणा की गई है. इसमें सुबह 6:00 बजे से प्रदेश भर की 6000 यात्री बसों के पहिए अनिश्चितकाल के लिए ठहर जाएंगे. जिससे लाखों यात्री प्रभावित होंगे.
Sagar News: सागर सहित मध्य प्रदेश के 55 जिलों में 2 मार्च से ऐतिहासिक यात्री बस हड़ताल होने जा रही है. इसमें सुबह 6:00 बजे से प्रदेश भर की 6000 यात्री बसों के पहिए अनिश्चितकाल के लिए ठहर जाएंगे. इससे लाखों यात्री प्रभावित होंगे. मध्य प्रदेश सरकार की परिवहन नीति के खिलाफ प्रदेश बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन ने सागर की धरती से ऐलान कर दिया है. लेकिन, इसके पहले अपनी दो प्रमुख मांगों को लेकर पूरे प्रदेश में जिला स्तर पर सोमवार से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिए जाएंगे. सरकार के लिए करीब एक सप्ताह का समय दिया जा रहा है कि वह यात्री बसों पर बनाए गए टैक्स को वापस ले और साथ ही जो नई परिवहन नीति अप्रैल 2026 से लागू करने वाली है उसको भी निरस्त करें.
मप्र बस ऑनर्स एसोसिएशन के महामंत्री जय कुमार जैन ने बताया, सरकार 20 साल बाद परिवहन सेवा दोबारा शुरू करने जा रही है. प्रदेश की जनता को सस्ते में बेहतर सफर उपलब्ध कराने की दावा कर रही है. लेकिन, सरकार के पास अब कोई बस बची ही नहीं है. वह यह सेवा 7 प्राइवेट कंपनियों के माध्यम से पीपीपी मॉडल पर लागू करने जा रही है, जिसमें प्राइवेट बस ऑपरेटर से अनुबंध किया जा रहा है. चार या पांच रुपये किलोमीटर के अनुसार अनुबंध होगा. इसमें 18% अनुबंध करने वाली कंपनी लगी हैं. 10% रेड बस वाले लेंगे. अभी यात्रियों के लिए प्रति 1 किलोमीटर 1.25 रुपये का किराया लगता है, लेकिन सरकार की नीति में यह किराया प्रति एक किलोमीटर 1.75 रुपये हो जाएगा. इससे आम जनता को भी नुकसान होगा. इससे सरकार का उद्देश्य बस मालिकों को किराएदार बनाकर उनका शोषण करना है.
ऐसे तो बेरोजगारी बढ़ेगी
बस ऑपरेटर्स यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष संतोष पांडेय ने बताया कि सरकार व्यावहारिक समस्याएं नहीं समझना चाह रही. मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री से मुलाकात के बाद भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है. जो कंपनियां अनुबंध कर रही हैं, वह केवल 6 महीने का है. ऐसे में वह धीरे-धीरे अपनी बस लगाएंगे और हम लोगों को अलग करते जाएंगे. इससे सैकड़ों लोग बे-रोजगार होंगे और हम लोगों का धंधा पानी बंद हो जाएगा. इसलिए अब एक हफ्ते का समय सरकार को दिया है, नहीं तो 2 तारीख से हड़ताल शुरू हो जाएगी.
ये है सरकार की योजना
बता दें, मध्य प्रदेश सरकार अप्रैल 2026 से नई परिवहन नीति लागू करने का लक्ष्य बनाए हुए हैं. यह परिवहन सेवा ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के बीच सस्ती सुरक्षित तरीके से समय पर उपलब्ध कराई जाएगी. सरकार खुद बसें नहीं खरीदेगी, बल्कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर काम करेगी. बसें निजी ऑपरेटर्स की होंगी, लेकिन उनका नियंत्रण और निगरानी सरकार के पास होगी. बसों की ट्रैकिंग, ई-टिकटिंग और टाइम-टेबल के लिए एक मोबाइल एप और डैशबोर्ड बनाया जाएगा.
मुख्यमंत्री होंगे अध्यक्ष
जानकारी के अनुसार सरकार ने योजना के सुचारू संचालन के लिए एक त्रि-स्तरीय व्यवस्था बनाई है. राज्य स्तर पर मध्य प्रदेश पैसेंजर ट्रांसपोर्ट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड नाम की एक होल्डिंग कंपनी बनाई गई है, जिसके अध्यक्ष खुद मुख्यमंत्री होंगे. संभाग स्तर पर सात प्रमुख संभाग (भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर और रीवा) में सहायक कंपनियां काम करेंगी. वहीं जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में समितियां बनाई जाएंगी जो किराया और रूट तय करेंगी.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें