भोपाल से कोटा अब सिर्फ 4 घंटे! 16 हजार करोड़ का सुपर एक्सप्रेसवे बदलेगा सफर का अंदाज़

भोपाल से कोटा अब सिर्फ 4 घंटे! 16 हजार करोड़ का सुपर एक्सप्रेसवे बदलेगा सफर का अंदाज़


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Kota-Bhopal Expressway: भोपाल से कोटा तक नया एक्सप्रेसवे बनाने की घोषणा की गई है, जिससे सफर का समय 9 घंटे से घटकर 4-5 घंटे रह सकता है. NHAI द्वारा प्रस्तावित यह 300 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे करीब 16 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनेगा. यह सागर और विदिशा होते हुए भोपाल के बाहरी हिस्से तक पहुंचेगा और बायपास से जोड़ा जाएगा. प्रोजेक्ट फिलहाल फीजिबिलिटी और ट्रैफिक स्टडी के चरण में है. इसके बनने से मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को बड़ा फायदा मिलेगा.

भोपाल न्यूज. राजधानी भोपाल से राजस्थान के कोटा तक सफर करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है. केंद्र सरकार ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की तर्ज पर एक नया एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे बनाने की घोषणा की है. अभी भोपाल से कोटा जाने के लिए नेशनल हाईवे-52 से करीब 9 घंटे लग जाते हैं, लेकिन इस नए प्रोजेक्ट के बाद सफर 4 से 5 घंटे में सिमट सकता है.

ऐसा होगा भोपाल-कोटा एक्सप्रेसवे
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) इस करीब 300 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को बनाएगी. अनुमान है कि इस पर लगभग 16 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे. यह एक्सप्रेसवे कोटा से सागर, विदिशा होते हुए भोपाल के बाहरी हिस्से तक आएगा और फिर भोपाल बायपास से जोड़ा जाएगा.

शहर के बाहर तक ही क्यों बनेगा?
इस एक्सप्रेसवे को भोपाल शहर के अंदर नहीं लाया जाएगा. वजह साफ है—शहर में पहले से कई प्रोजेक्ट चल रहे हैं. इसलिए इसे बाहरी छोर तक ही सीमित रखा जाएगा ताकि भविष्य के शहरी विस्तार में रुकावट न आए.

दूरी 75 किलोमीटर तक घटेगी
अभी कोटा से विदिशा की दूरी करीब 350 किलोमीटर है, जो घटकर 275 किलोमीटर रह सकती है. सागर की दूरी भी लगभग 225 किलोमीटर तक सिमट सकती है. यानी न सिर्फ समय बचेगा, बल्कि ईंधन की भी बचत होगी.

अभी शुरुआती चरण में है प्रोजेक्ट
फिलहाल यह योजना प्रारंभिक चरण में है. पहले ट्रैफिक स्टडी और फीजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जाएगी, फिर डीपीआर बनाकर इसे वार्षिक योजना में शामिल किया जाएगा. प्रस्ताव है कि यह पूरी तरह एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे होगा, जिससे सफर और सुरक्षित व तेज होगा.

लोगों की उम्मीदें भी जुड़ीं
भोपाल के निवासी नितेश कुमार मेहरा का कहना है कि घोषणा अच्छी है, लेकिन जरूरी है कि काम समय पर पूरा हो. अगर यह प्रोजेक्ट तय समय में पूरा हो गया, तो भोपाल, कोटा और जयपुर के बीच कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव आएगा.

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shweta singh

Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें



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