ग्वालियर42 मिनट पहले
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ग्वालियर में एक रिटायर्ड फॉरेस्ट ऑफिसर के साथ ऑनलाइन फ्रॉड हुआ है और इस बार तरीका बिल्कुल नया और अलग था। 1 फरवरी को बाजार में उनका मोबाइल गुम हो गया था। अगले दिन उन्होंने थाटीपुर थाने पहुंचकर मोबाइल गुम होने की शिकायत दर्ज कराई। उनके मोबाइल में दो सिम कार्ड भी एक्टिव थे। इसके बाद वे इस इंतजार में रहे कि पुलिस मोबाइल तलाश कर देगी।
18 फरवरी को उनकी बेटी के पास आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से कॉल आया और पूछा गया कि उनके बैंक खाते से लगातार ट्रांजेक्शन हो रहे हैं, क्या यह वे खुद कर रहे हैं। बेटी ने जब पिता से पूछा तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया।
बैंक पहुंचने पर पता चला कि 2 फरवरी से 18 फरवरी के बीच उनके अकाउंट से यूपीआई और आईएमपीएस के जरिए 11.74 लाख रुपए ट्रांसफर किए जा चुके हैं। इसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की। अब थाटीपुर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शहर के थाटीपुर इंद्रानगर निवासी 67 वर्षीय रामलखन शर्मा वन विभाग से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। वे 1 फरवरी 2026 को मयूर मार्केट, थाटीपुर में खरीदारी करने गए थे, जहां उनका मोबाइल गुम हो गया। मोबाइल में 9131849781 और 9755320373 नंबर के दो सिम कार्ड भी एक्टिव थे।
उन्होंने अपने स्तर पर मोबाइल को काफी तलाश किया, लेकिन जब नहीं मिला तो 2 फरवरी को थाटीपुर थाने पहुंचकर आवेदन दिया और मोबाइल गुम होने की शिकायत दर्ज कराई। साथ ही सिम बंद कराकर दोबारा जारी कराने के लिए अपनी बेटी से कहा। पुलिस ने भी आश्वासन दिया कि जल्द मोबाइल का पता लगाया जाएगा, लेकिन पुलिस मोबाइल तलाशने में असफल रही।
इसके बाद रामलखन यह भूल गए कि उनके मोबाइल में एक्टिव सिम कार्ड उनके आईडीएफसी फर्स्ट बैंक खाते से अटैच थे।
20 दिन बाद बेटी के मोबाइल पर आया कॉल
मोबाइल गुम होने की घटना के 20 दिन बाद, यानी 21 फरवरी 2026 को एक अनजान नंबर से रामलखन शर्मा की बेटी के मोबाइल पर कॉल आया। कॉल करने वाली एक महिला थी, जिसने खुद को आईडीएफसी बैंक की कर्मचारी बताया।
उसने उनके पिता के अकाउंट नंबर का जिक्र करते हुए कहा कि इस खाते से लगातार यूपीआई और आईएमपीएस के माध्यम से ट्रांजेक्शन किए जा रहे हैं। क्या ये ट्रांजेक्शन आप ही कर रहे हैं या फिर कोई गड़बड़ी है?
बेटी ने तुरंत पिता को सूचना दी। उसी दिन रामलखन बैंक पहुंचे और स्टेटमेंट निकलवाया। जांच में पता चला कि 2 फरवरी से 18 फरवरी के बीच 16 दिनों में उनके खाते से 11 लाख 74 हजार 324 रुपए तीन अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किए जा चुके हैं।
वारदात का तरीका अनूठा, मोबाइल चोरी की आशंका
पहली बार ऐसा सामने आया है कि गुम हुए मोबाइल में एक्टिव सिम, जो बैंक खाते से लिंक था, उसका उपयोग कर यूपीआई और आईएमपीएस के माध्यम से ऑनलाइन फ्रॉड कर रुपए निकाले गए हों। यह तरीका बेहद अनूठा माना जा रहा है।
पुलिस को आशंका है कि रिटायर्ड फॉरेस्ट ऑफिसर का मोबाइल गुम नहीं हुआ, बल्कि सुनियोजित तरीके से चोरी किया गया। इसके बाद उसी मोबाइल का इस्तेमाल इस फ्रॉड को अंजाम देने में किया गया।
ट्रांजेक्शन वाले खातों की जुटाई जा रही जानकारी
थाटीपुर थाना पुलिस का कहना है कि हेल्पलाइन नंबर पर ई-जीरो एफआईआर दर्ज की गई थी। उसी के आधार पर रविवार को थाटीपुर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जल्द ही जिन खातों में कैश ट्रांजेक्शन किया गया है, उनकी डिटेल प्राप्त कर ली जाएगी।
