ग्वालियर. दिल्ली के भारत मंडपम में 20 फरवरी 2026 को आयोजित एआई इंपैक्ट समिट में शर्टलेस होकर हंगामा करने और नारे लगाने वाले यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के मामले में दिल्ली पुलिस ने ग्वालियर में एक्शन लिया है. बताया जा रहा है कि इसी मामले में जितेंद्र सिंह यादव को दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है जबकि एक अन्य राजा गुर्जर अभी हिरासत में है. हालांकि इससे पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठे हैं. पुलिस ने जितेंद्र सिंह यादव को शनिवार देर रात उनके पटेल नगर स्थित घर से उठाया था, जबकि राजा गुर्जर ने बढ़ते दबाव के बीच रविवार रात झांसी रोड थाने में सरेंडर कर दिया था. जितेंद्र, यूथ कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव हैं, जबकि राजा ग्वालियर ग्रामीण यूथ कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष रह चुके हैं. पुलिस की इस कार्रवाई से उनके परिवारजन बेहद आहत हैं, और जितेंद्र के पिता केशव सिंह यादव ने आरोप लगाया कि पुलिस ने घर में घुसकर मारपीट की और मोबाइल छीन लिए, हालांकि बाद में स्थानीय पुलिस के हस्तक्षेप से उन्हें वापस मिले.
मध्य प्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता राम पांडे ने इसे पुलिस की गुंडागर्दी करार दिया, कहते हुए कि प्रदर्शनकारियों को घर से उठाना लोकतंत्र की हत्या है. यह घटना भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन की कड़ी है, जहां यूथ कांग्रेस किसानों के हितों की रक्षा का दावा कर रही है. पुलिस पहले ही चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी, और सीसीटीवी फुटेज से अन्य की पहचान कर रही है.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ जितेंद्र का फोटो वायरल हो रहा है.
ट्रेड डील को किसान विरोधी बताकर किया विरोध प्रदर्शन, 1 दर्जन आरोपियों की तलाश में पुलिस
यह हिरासत कांग्रेस की रणनीति और पुलिस कार्रवाई के बीच टकराव को उजागर करती है, जहां यूथ कांग्रेस ने एआई समिट में सुरक्षा घेरा तोड़कर प्रवेश किया और ट्रेड डील को किसान विरोधी बताते हुए प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारी लगभग एक दर्जन थे, जो शर्टलेस होकर नारे लगा रहे थे, जिसे कांग्रेस ने अमेरिकी समझौते के खिलाफ किसानों की आवाज बताया, जबकि भाजपा ने इसे अराजकता करार दिया. हिरासत में लिए गए जितेंद्र और राजा का मामला हाईप्रोफाइल है, और स्थानीय पुलिस अधिकारी कैमरे पर बोलने से बच रहे हैं, लेकिन अनौपचारिक रूप से इसे समिट हंगामे से जोड़ रहे हैं. केशव यादव ने बताया कि पुलिस ने उन्हें सूचित किया कि जितेंद्र समिट में शामिल था, लेकिन कोई एफआईआर या धारा नहीं बताई गई. राम पांडे ने कहा कि कांग्रेस किसानों के लिए प्रदर्शन जारी रखेगी, चाहे सरकार कितनी भी सख्ती करे.
एआई समिट में हंगामे के बाद 4 गिरफ्तार हुए थे
20 फरवरी को प्रगति मैदान के भारत मंडपम में एआई इंपैक्ट समिट चल रहा था, जब यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता सुरक्षा तोड़कर घुसे और शर्टलेस होकर के नारे लगाए. यह विरोध भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ था, जो कथित रूप से अमेरिकी आयात बढ़ाकर भारतीय किसानों को नुकसान पहुंचाएगा. पुलिस ने चार को गिरफ्तार किया, और जांच जारी है.
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई और हिरासत
दिल्ली पुलिस ने ग्वालियर क्राइम ब्रांच की मदद से जितेंद्र को घर से उठाया, जबकि राजा ने सरेंडर किया. पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज से इनकी पहचान हुई. हिरासत में पूछताछ जारी है, लेकिन परिवार को स्थान या धाराओं की जानकारी नहीं दी गई, जिससे सवाल उठे हैं. जितेंद्र के पिता केशव यादव ने पुलिस पर मारपीट और तलाशी का आरोप लगाया. राम पांडे ने इसे गुंडागर्दी बताया और कहा कि कांग्रेस किसान हितों के लिए लड़ती रहेगी. यह हिरासत कांग्रेस की एकजुटता का परीक्षण है.