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मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के राजपुरा क्षेत्र में रहने वाले किसान धन्नालाल दलाल पिछले 5 साल से बेजुबान पक्षियों और जानवरों की सेवा कर रहे है. एक प्यासे पक्षी की मौत देखने के बाद उन्होंने संकल्प लिया कि अपने घर खर्च से बचाई गई राशि से पक्षियों और जानवरों की मदद करेंगे। हर साल वे करीब 50 हजार से 1 लाख रुपये तक खर्च करते हैं. गर्मियों में जगह-जगह मिट्टी के सिकोरे रखवाते हैं और रोज उनमें पानी भरते हैं.
बुरहानपुर. अभी तक आपने कई समाज सेवी देखे होंगे जो लोगों को भोजन कराते या उनकी मदद करते हैं. किताब कॉपियां दिलाते हैं, लेकिन आज हम आपको मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के राजपुरा क्षेत्र में रहने वाले उस समाजसेवी की कहानी से रूबरू करा रहे हैं, जो पिछले 5 साल से अपने घर खर्च की राशि को बचाकर पक्षी और बेजुबान जानवरों की मदद करने का काम करते हैं.
जब लोकल18 ने धन्नालाल दलाल से बात की तो उन्होंने बताया, ‘मेरे सामने पानी नहीं मिलने से एक पक्षी की मौत हो गई थी. तब मैंने यह संकल्प लिया कि मैं अपने पर जो भी राशि खर्च करता हूं उसमें कमी करूंगा और उस राशि को बचाकर पक्षियों की मदद करूंगा. मेरे द्वारा हर साल पक्षी और जानवरों की मदद और उनके खान-पान के लिए करीब 50,000 से ₹1,00,000 की राशि खर्च की जाती है.’
गर्मियों में जगह-जगह लगाते मिट्टी के सिकोरे
उन्होंने आगे बताया कि वह गर्मी के दिनों में पक्षियों के लिए पानी पीने के लिए जगह-जगह मिट्टी के सिकोरे रखते हैं. वहां पर रोज पानी भी डालने जाते हैं. जब जंगल में जंगली जानवरों को खाने के लिए नहीं मिलता है और पानी नहीं मिलता तो वह शहर की ओर रुख करते हैं, वह उनकी भी व्यवस्था करते हैं. अभी हाल फिलहाल में कलेक्टर कार्यालय परिसर में भी बंदर आ गए हैं, वह उनको रोज खाना देते हैं. इस काम के लिए सामाजिक संगठन के लोग भी उन्हें सम्मानित कर चुके हैं.
खेती किसानी करते हैं धन्नालाल दलाल
धन्नालाल दलाल किसान हैं. उनके द्वारा खेती किसानी की जाती है और वह समय-समय पर लोगों की मदद करने का भी काम करते हैं. उनके द्वारा बेजुबान जानवरों की प्राथमिकता से मदद की जाती है. इस काम के लिए पूरा जिला उनकी प्रशंसा करता है. जहां पर भी जानवरों को करंट लग जाता है या फिर वह घायल हो जाते हैं तो वह उनको पशु चिकित्सालय लेकर जाते हैं और उपचार करवाते हैं.
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Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 7 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across …और पढ़ें