MP बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं चल रही हैं। हर बार एग्जाम के साथ नए नकलची पकड़े जा रहे हैं। सोमवार को 12वीं की बायोलॉजी का एग्जाम हुआ, जिसमें 7 नकल के प्रकरण बने। इनमें सबसे ज्यादा 3 केस मुरैना से सामने आए, जबकि अन्य 4 जिलों से एक-एक केस दर्ज किया गया है। इन जिलों में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और देवास शामिल हैं। परीक्षा के टाइमटेबल के अनुसार, मंगलवार को 10वीं का गणित और बुधवार को 12वीं का मैथमेटिक्स का एग्जाम होगा। अधिकारियों के अनुसार अभी भी माइक्रो पर्चियां, हथेली पर लेखन, जूतों-मोजों में नोट्स, ब्लूटूथ ईयर डिवाइस और वॉशरूम में कॉपीिंग जैसे तरीके सक्रिय हैं। अब तक सामने आए नकल के प्रकरणों में स्टूडेंट्स इन तरीकों से चीटिंग करते पकड़े गए हैं। 12वीं बोर्ड- 7 मार्च तक चलेंगी परीक्षाएं 10वीं- 6 मार्च तक चलेंगी परीक्षाएं प्रदेश भर में 16 लाख से ज्यादा छात्र दे रहे बोर्ड परीक्षा इस बार प्रदेश में 10वीं और 12वीं की परीक्षा में करीब 16 लाख छात्र परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। इनमें 9 लाख 7 हजार विद्यार्थी कक्षा 10वीं की और करीब 7 लाख छात्र 12वीं की बोर्ड परीक्षा में बैठ रहे हैं। इतने बड़े स्तर पर होने वाली परीक्षाओं को शांतिपूर्ण, नकलमुक्त और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और शिक्षा विभाग ने महीनों पहले से तैयारियां की थी। हालांकि, हर परीक्षा के साथ नकल के प्रकरण सामने आ रहे हैं। 3856 परीक्षा केंद्र, हर जिले में सख्त निगरानी बोर्ड परीक्षाओं के लिए पूरे प्रदेश में 3856 परीक्षा केंद्र पर हो रही हैं। राजधानी भोपाल की बात करें तो यहां 10वीं के 30 हजार 746 और 12वीं के 26 हजार 627 छात्र परीक्षा दे रहे हैं। इन छात्रों के लिए भोपाल में कुल 104 परीक्षा केंद्र हैं। हर जिले में चार-चार फ्लाइंग स्क्वॉड हैं। इनमें से दो स्क्वॉड विकासखंड स्तर पर और दो जिला स्तर के हैं। हर स्क्वॉड में तीन सदस्य होंगे और तीनों पुलिस या प्रशासनिक स्तर के अधिकारी हैं, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई हो सके। संवेदनशील केंद्रों पर ‘तीसरी आंख’ का पहरा नकल और अनुचित साधनों पर रोक लगाने के लिए इस बार तकनीक का भरपूर इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रशासन ने संवेदनशील परीक्षा केंद्रों की पहचान कर वहां सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। इन केंद्रों पर होने वाली गतिविधियों पर भोपाल स्थित बोर्ड कार्यालय से सीधी निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा, थानों से प्रश्न-पत्र निकालने के दौरान भी वीडियोग्राफी अनिवार्य की गई है और सुरक्षा गार्ड्स की तैनाती की गई है। इसका मकसद है कि परीक्षा प्रक्रिया की हर कड़ी पारदर्शी और सुरक्षित बनी रहे। परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश के सख्त नियम जिला शिक्षा अधिकारी एनके अहिरवार ने बताया कि बोर्ड परीक्षाओं को लेकर जिले में सख्त व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। परीक्षार्थियों को सुबह 8:30 बजे के बाद किसी भी हालत में परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ रोकने के लिए निर्धारित दूरी के बाद प्रवेश निषेध रहेगा। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।
Source link