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Balaghat Naxal History: बालाघाट में 35 वर्षों तक चले नक्सल संघर्ष में शहीद हुए 38 जवानों की याद में पुलिस एक अनोखा ओपन म्यूजियम और आर्ट गैलरी बना रही है. इस म्यूजियम में 1990 की पहली मुठभेड़ से लेकर बड़े नक्सली हमलों और अहम ऑपरेशनों का पूरा इतिहास दर्शाया गया है. सीतापाल, घाघरा रोड और रूपझर जैसी घटनाओं में शहीद जवानों की वीर गाथाएं यहां संजोई गई हैं. एंटी नक्सल ऑपरेशन के अधिकारियों के अनुसार इसका उद्देश्य श्रद्धांजलि के साथ-साथ नई पीढ़ी को जागरूक करना है. बालाघाट पुलिस ने नागरिकों से इस विशेष गैलरी को देखने और शहीदों को नमन करने की अपील की है.
Balaghat Naxal Museum: बालाघाट भले ही आज नक्सलवाद से मुक्त हो चुका हो, लेकिन 35 साल तक चले सशस्त्र संघर्ष की दर्दनाक यादें अब भी जिंदा हैं. इस दौरान 38 जवानों ने अपनी जान की कुर्बानी दी. उनके परिवार आज भी उस पीड़ा को अपने दिल में संजोए हुए हैं.
इन्हीं शहीदों की याद को सहेजने और नई पीढ़ी को उस दौर से परिचित कराने के लिए बालाघाट पुलिस ने एक अनोखी पहल की है नक्सल इतिहास पर आधारित ओपन म्यूजियम और आर्ट गैलरी.
क्या खास होगा इस म्यूजियम में?
यह म्यूजियम पुलिस लाइन में तैयार किया जा रहा है. इसमें 1990 की पहली मुठभेड़ से लेकर नक्सली गतिविधियों और बड़े ऑपरेशनों का पूरा विवरण रखा गया है. नक्सली दीपक के सरेंडर जैसी अहम घटनाओं को भी यहां दर्शाया गया है. सबसे खास है शहीद 38 जवानों की स्मृति में बनाई गई आर्ट गैलरी, जहां हर शहीद की जानकारी और उनके बलिदान की कहानी संजोई गई है.
जब हुए बड़े हमले
साल 1991 में सीतापाल और घाघरा रोड पर नक्सलियों ने बारूदी सुरंग ब्लास्ट किया था, जिसमें 9 पुलिसकर्मी शहीद हुए. 1994 में रूपझर थाना क्षेत्र में पुलिस बस को बारूदी सुरंग से उड़ाया गया, जिसमें 16 जवानों ने शहादत दी. हाल ही में 19 नवंबर 2025 को छत्तीसगढ़ सीमा पर हुए ऑपरेशन में इंस्पेक्टर आशीष शर्मा भी शहीद हुए. इन सभी वीरों को श्रद्धांजलि देने के लिए यह विशेष गैलरी बनाई गई है.
गर्व का पल
इस म्यूजियम को डिजाइन करने वाले भोपाल के आर्किटेक्ट सुरप्रीत सिंह ने कहा कि वे कभी सेना में जाना चाहते थे, लेकिन यह मौका उन्हें अलग रूप में मिला. इस प्रोजेक्ट को तैयार करना उनके लिए गर्व की बात है.
जागरूकता भी है उद्देश्य
एंटी नक्सल ऑपरेशन के एडिशनल एसपी आदर्शकांत शुक्ला के मुताबिक, आम नागरिकों को इन शहीदों की जानकारी कम थी. इसलिए श्रद्धांजलि के साथ-साथ जागरूकता फैलाना भी इस पहल का मकसद है. बालाघाट पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे पुलिस लाइन पहुंचकर इस ओपन म्यूजियम और आर्ट गैलरी को जरूर देखें.
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Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें