सागर की खुरई विधानसभा क्षेत्र के खुरई, बांदरी और मालथौन कॉलेज में नए पाठ्यक्रम शुरू कराने, स्टाफ बढ़ाने और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने का मुद्दा सोमवार को विधानसभा में गूंजा। खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह ने विधानसभा में ध्यानाकर्षण के माध्यम से खुरई, मालथौन और बांदरी शासकीय महाविद्यालयों में संकाय व विषय बढ़ाने, स्टाफ बढ़ाने, स्पोर्ट्स कांप्लेक्स बनाने की मांग की। उन्होंने खुरई शासकीय महाविद्यालय में विधि संकाय और बीएड शुरू करने की मांग भी की। जिस पर उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने अपने उत्तर में ज्यादातर मांगों पर अपनी सहमति प्रदान करते हुए अगले सत्र से पाठ्यक्रम शुरू करने और जगह की उपलब्धता होने पर स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स स्वीकृत करने का आश्वासन दिया है। खुरई विधायक ने यह मांगें रखी
ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए पूर्व गृहमंत्री व खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह ने कहा कि खुरई महाविद्यालय में स्नातक में 1714 और स्नातकोत्तर में 363 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। खुरई कालेज में स्टेडियम नहीं है। भवन में भी कठिनाई हैं। यहां विज्ञान संकाय में वनस्पतिशास्त्र, रसायनशास्त्र, प्राणी शास्त्र, भौतिक शास्त्र और कला संकाय के अंग्रेजी साहित्य विषय में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम और वाणिज्य संकाय में स्नातक पाठ्यक्रम शुरू किए जाने की आवश्यकता है। कुछ कॉलेजों में पोस्ट ग्रेजुएशन प्रोग्राम शुरू करने की मांग
इसके अलावा विधि संकाय में नवीन पाठ्यक्रम व बीएड भी शुरू किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मालथौन शासकीय महाविद्यालय में 1700 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जिन्हें नवीन पाठ्यक्रमों की आवश्यकता है। उन्होंने मालथौन शासकीय महाविद्यालय में हिंदी, ज्योग्राफी, राजनीति विज्ञान, इतिहास और विज्ञान संकाय में वनस्पति विज्ञान, दूदाजी में पोस्ट ग्रेजुएशन कक्षाओं की आवश्यकता है। बांदरी शासकीय महाविद्यालय की स्थिति बताते हुए उन्होंने कहा कि यहां कुल 900 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जिन्हें वाणिज्य संकाय में स्नातक और कला संकाय में पीजी पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाने की आवश्यकता है। कॉलेज में स्वीकृत पद हैं खाली
विधायक भूपेंद्र सिंह ने ध्यानाकर्षण में कहा कि मालथौन शासकीय महाविद्यालय में 15 पद स्वीकृत हैं। जिनमें से 10 पद रिक्त हैं और बांदरी महाविद्यालय में 19 स्वीकृत पदों में से 14 पद रिक्त हैं। जिससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाना पड़ता है। जिससे उन पर आर्थिक बोझ आता है। महाविद्यालयों में नए विषय प्रोग्राम भी स्वीकृत
उच्च शिक्षा मंत्री इंदरसिंह परमार ने उक्त बिंदुओं पर जवाब देते हुए कहा कि स्ववित्तीय योजना में सरकार या विभाग से अनुमति की जरूरत नहीं है। 2023 में इस आशय का संशोधन कर दिया गया है। प्राचार्य ही संकाय में स्नातकोत्तर कक्षाएं प्रारंभ कर सकते हैं। इन महाविद्यालयों में नवीन विषय, संकाय प्रारंभ करने के लिए प्राचार्य ही सक्षम है। इसके लिए प्राचार्यों को उचित कार्रवाई के लिए निर्देशित किया जा रहा है। शासकीय महाविद्यालयों खुरई, मालथौन व बांदरी में रिक्त पदों की पूर्ति के लिए कार्रवाई करते हुए वर्ष 2025 में शासकीय महाविद्यालय खुरई में 1 सहायक प्राध्यापक, बांदरी में 1 सहायक प्राध्यापक और मालथौन में 2 सहायक प्राध्यापकों को पदस्थ किया गया है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग से प्राप्त वर्ष 2022 की 2053 अभ्यर्थियों, सहायक प्राध्यापक, ग्रंथपाल व क्रीड़ा अधिकारी की चयन सूचियों के आधार पर नियुक्ति की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। इन महाविद्यालयों में अधोसंरचना विकास, नए विषय और संकाय शुरू करने और रिक्त पदों की पूर्ति के लिए नियमानुसार वित्तीय संसाधनों के अनुसार कार्रवाई और वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। मंत्री परमार ने बताया कि इन तीनों महाविद्यालयों का हमने परीक्षण करा लिया है जो कुछ विषय यहां से शुरू कराना होगा, वह यहां से कराने की तैयारी कर रहे हैं। शेष कुछ हम स्ववित्तीय योजना से संचालित कर सकते हैं।
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