हर इच्छा पूरी करने वाले हनुमान! धाम में 15 साल से गूंज रहे भजन, मंगलवार को…

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हर इच्छा पूरी करने वाले हनुमान! धाम में 15 साल से गूंज रहे भजन, मंगलवार को…

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Satna News: बजरंग धाम की खास बात यह है कि यहां मनोकामना पूरी होने के बाद लोग स्वयं आकर अपनी श्रद्धा अनुसार योगदान देते हैं. कोई भंडारा आयोजित करता है, तो कोई कीर्तन या अन्य धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन करवाता है.

सतना. मध्य प्रदेश की सतना-पन्ना रोड पर पतेरी मोड़ से गुजरते ही एक ऐसी जगह आती है, जहां कदम अपने आप रुक जाते हैं. यह सिर्फ एक मंदिर नहीं बल्कि आस्था, विश्वास और सामुदायिक एकजुटता का जीवंत प्रतीक बन चुका है. पतेरी मोड़ स्थित बजरंग धाम पिछले डेढ़ दशक से लगातार भजन-कीर्तन की परंपरा को निभाते हुए क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक केंद्र बन गया है. यहां हर दिन आरती, हर शाम कीर्तन और विशेष अवसरों पर भंडारे और रामकथा का आयोजन होता है, जिससे यह स्थल अब सतना का एक धार्मिक लैंडमार्क बन चुका है. करीब 25 साल पहले यहां बजरंगबली की प्रतिमा की स्थापना की गई थी. उस समय यह इलाका अपेक्षाकृत शांत था लेकिन जैसे-जैसे आसपास का विकास हुआ और लोगों की आवाजाही बढ़ी, वैसे-वैसे मंदिर की ख्याति भी फैलती चली गई. स्थानीय लोगों का मानना है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है और यही कारण है कि यहां भक्तों की संख्या साल दर साल बढ़ती जा रही है.

लोकल 18 से बातचीत में उत्तरी पतेरी निवासी धनंजय सिंह ने बताया कि मंदिर में पिछले 15 वर्षों से लगातार भजन-कीर्तन हो रहा है. शाम के समय कीर्तन तय है. वहीं दिनभर भक्त भगवान राम और बजरंगबली के दर्शन के लिए पहुंचते रहते हैं. उन्होंने कहा कि जो भी सतना-पन्ना रोड से गुजरता है, वह यहां माथा टेकने जरूर रुकता है. जनसहयोग से समय-समय पर रामकथा और भंडारे का आयोजन भी होता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं.

पूरी होती है मनोकामना
मंदिर की खास बात यह है कि यहां मन्नत पूरी होने के बाद लोग स्वयं आकर अपनी श्रद्धा अनुसार योगदान देते हैं. कोई भंडारा कराता है, तो कोई कीर्तन या अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करवाता है. उत्तरी पतेरी निवासी रामकुशल गौतम ने बताया कि बजरंगबली की यहां विशेष महिमा है. जो भी श्रद्धालु यहां सच्चे मन से प्रार्थना करता है, उसकी मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है. यही वजह है कि हर वर्ग और हर आयु के लोग यहां पहुंचते हैं.

इस दिन दिखेगी ज्यादा भीड़
मंगलवार और शनिवार को मंदिर में विशेष भीड़ देखने को मिलती है. इन दिनों कभी-कभी सुंदरकांड पाठ का आयोजन भी किया जाता है. क्षेत्र के वृद्धजन भी इस मंदिर से गहराई से जुड़े हुए हैं. उनका कहना है कि शाम के समय सामूहिक कीर्तन में शामिल होकर उन्हें आध्यात्मिक शांति मिलती है. स्थानीय निवासी मंगल वर्मा ने बताया कि मंदिर निर्माण के बाद से ही वह प्रतिदिन दर्शन के लिए आते हैं. यहां दिन में दो बार नियमित आरती होती है और भजन-कीर्तन प्रतिदिन चलता है. होली के अवसर पर यहां बघेलखंड का प्रसिद्ध फगुआ भी आयोजित होता है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग भाग लेते हैं.

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Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.



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