जनसुनवाई के दौरान बिजली कर्मियों ने घेरा कलेक्ट्रोरेट: रसोइया बहनों ने 1 मार्च से ‘चूल्हा बंद’ हड़ताल की चेतावनी दी – Neemuch News

जनसुनवाई के दौरान बिजली कर्मियों ने घेरा कलेक्ट्रोरेट:  रसोइया बहनों ने 1 मार्च से ‘चूल्हा बंद’ हड़ताल की चेतावनी दी – Neemuch News




नीमच कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मंगलवार को जनसुनवाई आयोजित की गई, जिसमें 103 आवेदकों की समस्याएं सुनी गईं। इस दौरान आउटसोर्स बिजली कर्मचारियों और मध्यान्ह भोजन बनाने वाली रसोइया बहनों ने विरोध प्रदर्शन किया। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव और डिप्टी कलेक्टर चंद्रसिंह धार्वे सहित अन्य अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों के समय-सीमा में निराकरण के निर्देश दिए। मध्य प्रदेश इलेक्ट्रिसिटी एम्प्लाइज यूनियन के नेतृत्व में आउटसोर्स बिजली कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। वे ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के उस बयान से आक्रोशित थे, जिसमें उन्होंने आउटसोर्स कर्मियों के नियमितीकरण की किसी भी योजना से इनकार किया था। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनावी घोषणापत्र में नियमित करने का लिखित वादा किया था, लेकिन अब सरकार इससे मुकर रही है। उन्होंने न्यूनतम वेतन 23 हजार रुपये और जोखिम बीमा 50 लाख रुपये करने की मांग की। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे काम बंद कर आंदोलन करेंगे। इसी क्रम में, प्रदेश की 2 लाख से अधिक रसोइया बहनों ने भी 1 मार्च 2026 से प्रदेशव्यापी ‘चूल्हा बंद’ हड़ताल की घोषणा की। महिला स्वयं सहायता समूह महासंघ ने बताया कि मानदेय न मिलने और बजट में कटौती के कारण रसोइयों की स्थिति खराब हो गई है। स्थानीय शिकायतों में मनासा के रामपुरिया की प्रिया सोलंकी ने नगर परिषद द्वारा बिना सूचना झुग्गी तोड़े जाने पर मुआवजे की मांग की। कलेक्टर ने तत्काल एसडीएम को कार्रवाई के निर्देश दिए। रामपुरा के बैसला में अवैध रूप से संचालित एक निजी क्लीनिक की शिकायत पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को टीम भेजकर कार्रवाई करने को कहा गया। ग्राम कनावटी में शासकीय चरनोई भूमि पर अतिक्रमण का मामला भी सामने आया, जहां सामाजिक कार्यकर्ता ओमप्रकाश कंडारा ने करोड़ों की जमीन पर कब्जे और राजस्व अमले की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए एफआईआर की मांग की। कलेक्टर ने इन सभी शिकायतों पर संबंधित विभाग प्रमुखों से तत्काल रिपोर्ट मांगी है।



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