MANIT भोपाल में ई-साइकिल सेवा शुरू: स्मार्ट सिटी CEO ने कहा- यह पहल शहर के सस्टेनेबल विकास के लक्ष्य से जुड़ी – Bhopal News

MANIT भोपाल में ई-साइकिल सेवा शुरू:  स्मार्ट सिटी CEO ने कहा- यह पहल शहर के सस्टेनेबल विकास के लक्ष्य से जुड़ी – Bhopal News


भोपाल के मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MANIT) ने 24 फरवरी 2026 को ग्रीन कैंपस की दिशा में एक नई पहल शुरू की गई। संस्थान ने आधिकारिक रूप से ई-साइकिल सेवा लॉन्च की, जिसका उद्देश्य कैंपस के अंदर आसान, सस्ती और पर्यावरण के अनुकूल आवाजाही उ

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लॉन्च कार्यक्रम में ई-साइकिलों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस मौके पर डीन, हेड्स ऑफ डिपार्टमेंट्स के साथ-साथ स्टूडेंट्स और स्टाफ मेंबर्स ने खुद साइकिल चलाकर इसकी शुरुआत की।

MANIT कैंपस में ई-साइकिल की पहल शुरू।

स्मार्ट सिटी के लक्ष्य से जुड़ी पहल

फ्लैग-ऑफ सेरेमनी में चीफ गेस्ट के तौर पर भोपाल स्मार्ट सिटी कॉर्पोरेशन लिमिटेड की सीईओ अंजू अरुण कुमार मौजूद थीं। उन्होंने कहा कि यह पहल शहर के सस्टेनेबल विकास के लक्ष्य से जुड़ी है। ई-साइकिल से कार्बन उत्सर्जन कम होगा और युवाओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। MANIT की यह पहल दूसरे संस्थानों के लिए भी प्रेरणादायक है।

कार्यक्रम में IAS अंजू अरुण कुमार मुख्य अतिथि के रूप मे मौजूद रहीं।

कार्यक्रम में IAS अंजू अरुण कुमार मुख्य अतिथि के रूप मे मौजूद रहीं।

गाड़ियों पर डिपेंडेंसी कम करने की कोशिश

MANIT भोपाल के डायरेक्टर प्रो. करुणेश कुमार शुक्ला ने बताया कि ई-साइकिल सेवा से कैंपस में सामान्य वाहनों की संख्या कम होगी। इससे शोर और प्रदूषण घटेगा और परिसर अधिक शांत व स्वच्छ बनेगा।

उन्होंने कहा कि MANIT भविष्य में भी ग्रीन एनर्जी और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी पहलें जारी रखेगा। कार्यक्रम में डीन, विभागाध्यक्ष, छात्र और कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। अब इस बड़े परिसर में छात्र, शिक्षक और कर्मचारी ई-साइकिल के जरिए कम समय में एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंच सकेंगे।

MANIT के डायरेक्टर प्रो. करुणेश कुमार शुक्ला ई-साइकिल चलाते हुए।

MANIT के डायरेक्टर प्रो. करुणेश कुमार शुक्ला ई-साइकिल चलाते हुए।

छात्रों की भागीदारी से बना प्रोजेक्ट

इस प्रोजेक्ट में संस्थान के छात्रों की अहम भूमिका रही। विद्यार्थियों ने साइकिलों की तकनीकी तैयारी, बैटरी सिस्टम और रखरखाव की योजना में सहयोग किया। उनका कहना है कि वे कैंपस के लिए ऐसा साधन देना चाहते थे, जो सस्ता हो और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाए। एक युवा फैकल्टी सदस्य ने भी इस प्रयास की सराहना की।

संस्थान के छात्रों ने खुद बनाई ई-साइकिल।

संस्थान के छात्रों ने खुद बनाई ई-साइकिल।



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