हल्दी का घोल पिलाते ही मरने लगीं भेड़-बकरियां, दर्जनों पशुओं की रहस्यमयी मौत

हल्दी का घोल पिलाते ही मरने लगीं भेड़-बकरियां, दर्जनों पशुओं की रहस्यमयी मौत


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Sehore News: पशुपालकों ने बताया कि उन्होंने 22 फरवरी को ग्राम मैना के साप्ताहिक बाजार से पिसी हुई हल्दी खरीदी थी. हल्दी को पानी में घोलकर भेड़ और बकरियों को पिलाया गया था. जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी.

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पशुपालकों ने हल्दी में जहरीले तत्व की आशंका जाहिर की है. (सांकेतिक तस्वीर)

रिपोर्ट- प्रदीप चौहान, सीहोर. मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है. जनपद के आष्टा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम मैना और खामखेडा के बीच राजस्थान के गाडर (भेड़) और बकरी चराने वाले कुछ पशुपालक रुके हुए हैं. वे लोग उस समय घबरा गए, जब उनके डेरे की लगभग 150 से 200 भेड़ और बकरियां एक के बाद एक मरने लगीं. भेड़-बकरियों की इन सामूहिक मौतों ने कई तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं. प्रशासन को सूचना दी जा रही है. दरअसल यह राजस्थानी चरवाहे अपना डेरा डालकर यहां पिछले कुछ माह से रह रहे थे. पशुपालकों ने बताया कि उन्होंने जैसे ही अपनी गाडर और बकरियों को हल्दी का घोल पिलाया, उसके बाद देखते ही देखते पशुओं की तबीयत बिगड़ने लगी और अब तक लगभग 150 से 200 गाडर और बकरियों की मौत हो चुकी है. इतनी बड़ी संख्या में पालतू पशुओं की मौतों से पशुपालक सदमे में हैं.

बताया जा रहा है कि पशुपालकों द्वारा 22 फरवरी को ग्राम मैना के साप्ताहिक बाजार से पिसी हुई हल्दी खरीदी गई थी. पशुपालकों के अनुसार, हल्दी को पानी में घोलकर भेड़-बकरियों को पिलाया गया. जिसके कुछ ही समय बाद कई पशुओं में उल्टी, कमजोरी और अचानक गिरने जैसे लक्षण दिखाई देने लगे. कुछ ही देर में स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि एक के बाद एक बड़ी संख्या में भेड़ और बकरियों की मौत होने लगी. वे लोग यह सब देख घबरा गए.

हल्दी में मिलावट या जहरीले तत्व की संभावना
घटना के बाद से क्षेत्र में दहशत का माहौल है. पशुपालकों ने आशंका जताई है कि बाजार से खरीदी गई हल्दी में मिलावट या किसी जहरीले तत्व की संभावना हो सकती है. दर्जनों पालतू पशुओं की मौतों से पशुपालकों के परिवार में मातम पसरा हुआ है. उनका कहना है कि करीब 25 से 30 लाख रुपये का नुकसान हुआ है.

इतनी बड़ी संख्या में पशुओं की मौत सामान्य घटना नहीं
वहीं ग्रामीणों का इस बारे में कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में पशुओं की मौत सामान्य घटना नहीं है. इसकी निष्पक्ष जांच होनी बहुत जरूरी है ताकि पशुओं की मौतों का सच पता चल सके.

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Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.



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