खेत है या ATM मशीन! 3 महीने में छाप दिए 3 लाख, केले छोड़ इस सब्जी पर खेला था दांव

खेत है या ATM मशीन! 3 महीने में छाप दिए 3 लाख, केले छोड़ इस सब्जी पर खेला था दांव


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Organic Farming Success Story: बुरहानपुर के शाहपुर में रहने वाले किसान योगेश महाजन ऑर्गेनिक सब्जी की खेती से हर साल लाखों रुपये की कमाई कर रहे हैं. परंपरागत केले की खेती छोड़ उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में प्राकृतिक खेती अपनाई. मेथी, पालक, मूली, मिर्ची, भिंडी और टमाटर की खेती से वे तीन महीने में 2 से 3 लाख रुपये तक कमा लेते हैं. कम लागत और ज्यादा मुनाफे वाली यह खेती अब इलाके के किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है. जानिए कैसे गोबर खाद और आधुनिक जानकारी के सहारे उन्होंने खेती को बना दिया फायदे का सौदा.

मोहन ढाकले/बुरहानपुर: मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले के शाहपुर में रहने वाले किसान योगेश महाजन आज इलाके के लिए मिसाल बन चुके हैं. जहां उनके परिवार में पहले पारंपरिक तरीके से केले की खेती होती थी, वहीं योगेश ने कुछ अलग करने की ठानी. कृषि वैज्ञानिकों और कृषि अधिकारियों के संपर्क में आने के बाद उन्होंने प्राकृतिक और ऑर्गेनिक खेती का प्रशिक्षण लिया और यहीं से उनकी किस्मत बदल गई.

ऑर्गेनिक सब्जियों से लाखों की कमाई
योगेश महाजन बताते हैं कि वे अपने खेत में मेथी, पालक, मूली, मिर्ची, भिंडी और टमाटर जैसी सब्जियों की ऑर्गेनिक खेती करते हैं. खास बात ये है कि इन फसलों की अवधि कम होती है एक से दो महीने में तैयार हो जाती हैं और फिर करीब एक महीने तक रोज कमाई देती हैं. तीन महीने के एक चक्र में वे 2 से 3 लाख रुपये तक की कमाई कर लेते हैं. एक एकड़ में इस खेती के लिए करीब 30 से 40 हजार रुपये की लागत आती है. यानी लागत कम और मुनाफा कई गुना ज्यादा.

गोबर खाद और देसी तरीका ही असली ताकत
योगेश रासायनिक खाद का इस्तेमाल नहीं करते. वे अपने खेत में सिर्फ गोबर खाद का उपयोग करते हैं. उनका कहना है कि इससे जमीन की सेहत भी ठीक रहती है और उत्पादन भी बेहतर मिलता है. बाजार में ऑर्गेनिक सब्जियों की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे उन्हें अच्छा भाव मिल जाता है.

सोशल मीडिया और वैज्ञानिकों से लेते हैं सलाह
योगेश बताते हैं कि वे समय-समय पर कृषि वैज्ञानिकों और कृषि अधिकारियों से सलाह लेते रहते हैं. फसल में कोई समस्या आने पर तुरंत विशेषज्ञों से मार्गदर्शन लेते हैं. इसके अलावा वे यूट्यूब और सोशल मीडिया का भी सहारा लेते हैं. नई तकनीकों और तरीकों के बारे में जानकारी लेकर उन्हें अपने खेत में अपनाते हैं. इसी वजह से उनकी लागत कम रहती है और उत्पादन बेहतर होता है.

छोटी अवधि की फसल, लगातार आमदनी
योगेश का मानना है कि कम अवधि वाली सब्जियों की खेती किसानों के लिए फायदेमंद है. एक बार फसल तैयार होने के बाद रोजाना आमदनी शुरू हो जाती है. तीन महीने तक लगातार कमाई होती रहती है. उनकी कहानी यह बताती है कि अगर सही जानकारी, सही मार्गदर्शन और मेहनत हो तो खेती में भी शानदार मुनाफा कमाया जा सकता है.

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shweta singh

Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें



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