नई दिल्ली. ज़िम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रज़ा ने 26 फरवरी 2026 को भारत के खिलाफ टी20 विश्व कप के सुपर-8 मुकाबले में इतिहास रच दिया. उन्होंने अपनी पारी के दौरान टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 3,000 रन पूरे कर लिए हैं. रज़ा यह उपलब्धि हासिल करने वाले ज़िम्बाब्वे के पहले खिलाड़ी और दुनिया के 14वें बल्लेबाज बन गए हैं. इसके साथ ही वे टी20ई इतिहास के मात्र दूसरे ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने 3,000 रन के साथ 100 विकेट भी लिए हैं.
क्रिकेट की दुनिया में जब भी रिकॉर्ड्स की बात होती है, तो अक्सर भारत के विराट कोहली या पाकिस्तान के बाबर आज़म का नाम सबसे ऊपर आता है. लेकिन आज चेन्नई के एम. ए. चिदंबरम स्टेडियम में ज़िम्बाब्वे के अनुभवी ऑलराउंडर और कप्तान सिकंदर रज़ा ने वह कर दिखाया जो आज तक उनकी टीम का कोई खिलाड़ी नहीं कर सका था. भारत जैसी दिग्गज टीम के खिलाफ खेलते हुए रज़ा ने 3,000 टी20आई रनों का जादुई आंकड़ा पार किया और खुद को विश्व क्रिकेट के सबसे एलीट क्लब में शामिल कर लिया.
एक ऐतिहासिक उपलब्धि: 3,000 रन और 100 विकेट का अनूठा मेल
सिकंदर रज़ा का यह सफर किसी प्रेरणा से कम नहीं है. उन्होंने अपने करियर के 131वें मैच और 126वीं पारी में यह मुकाम हासिल किया. इस उपलब्धि की सबसे खास बात यह है कि रज़ा अब मलेशिया के वीरनदीप सिंह के बाद दुनिया के मात्र दूसरे ऐसे पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं, जिनके नाम टी20 अंतरराष्ट्रीय में 3,000 से अधिक रन और 100 से अधिक विकेट दर्ज हैं.
भारत के खिलाफ रज़ा का संघर्ष और जज्बा
विश्व कप 2026 के इस महत्वपूर्ण सुपर-8 मैच में ज़िम्बाब्वे के सामने भारत ने 256/4 का विशाल स्कोर खड़ा किया था. लक्ष्य का पीछा करते हुए कप्तान रज़ा ने जिम्मेदारी संभाली. मैच से पहले उन्हें इस आंकड़े तक पहुँचने के लिए केवल 15 रनों की दरकार थी, जिसे उन्होंने अपनी जुझारू पारी के दौरान हासिल किया. हालांकि ज़िम्बाब्वे पर हार का संकट मंडरा रहा था, लेकिन रज़ा की इस व्यक्तिगत उपलब्धि ने उनके प्रशंसकों को जश्न मनाने का मौका दे दिया.
रिकॉर्ड्स का बादशाह: रज़ा ने तोड़े कई कीर्तिमान
यह पहली बार नहीं है जब 40 वर्षीय रज़ा ने इतिहास बनाया हो. हाल ही में उन्होंने रोहित शर्मा का सर्वाधिक ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ (20 अवार्ड्स) जीतने का विश्व रिकॉर्ड भी तोड़ा है. इसके अलावा, अक्टूबर 2024 में उन्होंने गाम्बिया के खिलाफ मात्र 33 गेंदों में शतक जड़कर टेस्ट खेलने वाले देशों के खिलाड़ियों में सबसे तेज टी20आई शतक का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया था.
सिकंदर रज़ा की यह उपलब्धि दर्शाती है कि उम्र केवल एक संख्या है. विराट कोहली और बाबर आज़म जैसे दिग्गजों के क्लब में शामिल होना यह साबित करता है कि रज़ा न केवल ज़िम्बाब्वे के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी हैं, बल्कि वे आधुनिक क्रिकेट के महानतम ऑलराउंडरों में से एक बन चुके हैं. उनकी कप्तानी में ज़िम्बाब्वे ने इस विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका जैसी टीमों को हराकर पहले ही अपनी ताकत का लोहा मनवाया है. रज़ा का यह 3,000 रनों का मील का पत्थर ज़िम्बाब्वे क्रिकेट के आने वाले युवाओं के लिए एक मशाल का काम करेगा.