बुमराह-अर्शदीप के बीच चूहा बिल्ली का खेल, वर्ल्ड कप में चल रही है अनोखी रेस

बुमराह-अर्शदीप के बीच चूहा बिल्ली का खेल, वर्ल्ड कप में चल रही है अनोखी रेस


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बुमराह-अर्शदीप के बीच चूहा बिल्ली का खेल, वर्ल्ड कप में चल रही है अनोखी रेस

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टी-20 वर्ल्ड कप में 35 विकेट लेकर जसप्रीत बुमराह को पीछे छोड़ने वाले अर्शदीप ने  कहा, कि वो गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल के साथ इस पर काम कर रहा हूं कि मैं कैसे सक्रिय रह सकता हूं. मैं कैसे बल्लेबाजों पर हावी हो सकता हूं, परिस्थितियों के अनुसार खुद को कैसे ढाल सकता हूं और अपने खेल में कैसे बदलाव ला सकता हूं.

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जिम्बाब्वे के खिलाफ जसप्रीत बुमराह के 33 विकेट से आगे निकले अर्शदीप सिंह , उनके नाम पर वर्ल्ड कप में अब 35 विकेट

नई दिल्ली.  भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने कहा कि वह परिस्थितियों से सामंजस्य से बिठाने और बल्लेबाजों पर हावी होने के लिए अब भी अपने सीनियर साथियों जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज से सीख ले रहे हैं. अर्शदीप ने यहां टी20 विश्व कप के सुपर आठ के मैच में जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा तथा केवल 24 रन देकर तीन विकेट लिए. इस प्रदर्शन के साथ अर्शदीप सिंह ने बुमराह का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया.

भारत की 72 रन से जीत के बाद अर्शदीप ने पत्रकारों से कहा, ‘‘मैं अपने गेंदबाजी समूह में सबसे युवा हूं टीम मुझ पर भरोसा दिखाती है अगर आपको पावर प्ले में दो ओवर फेंकने का मौका मिलता है तो विकेट लेने की संभावना बढ़ जाती है क्योंकि उस समय बल्लेबाज रन बनाने के लिए जोखिम भरे शॉट खेलने की कोशिश करते हैं.

बुमराह का तोड़ा रिकॉर्ड 

टी-20 वर्ल्ड कप में 35 विकेट लेकर जसप्रीत बुमराह को पीछे छोड़ने वाले अर्शदीप ने  कहा, कि वो गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल के साथ इस पर काम कर रहा हूं कि मैं कैसे सक्रिय रह सकता हूं. मैं कैसे बल्लेबाजों पर हावी हो सकता हूं, परिस्थितियों के अनुसार खुद को कैसे ढाल सकता हूं और अपने खेल में कैसे बदलाव ला सकता हूं.  मेरा साथ देने के लिए मोहम्मद सिराज, जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पंड्या भाई जैसे बहुत अच्छे गेंदबाजी सहयोगी हैं. अर्शदीप से पूछा गया कि क्या 256 रन के विशाल स्कोर बनाने से गेंदबाजों को मदद मिली, उन्होंने कहा, ‘‘हम इस बात पर ध्यान नहीं दे रहे थे कि हमने कितने रन बनाए. हम बस अपनी रणनीति के अनुसार गेंदबाजी करना चाहते थे और अपने स्तर को बनाए रखना चाहते थे.  हम हमेशा एक लक्ष्य को ध्यान में रखते हैं, जैसे कि विकेट और मैदान की स्थिति के अनुसार 160 या 180 रन का स्कोर.

रनों की तरफ नहीं देखते 

बाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने कहा कि  हम हमेशा एक गेंदबाजी इकाई के रूप में अपने स्तर को ऊंचा उठाने की कोशिश करते हैं। अतिरिक्त 20, 30, 40, 70 रन का फायदा होना अच्छी बात है लेकिन हमारा ध्यान एक गेंदबाजी इकाई के रूप में अपने स्तर को ऊपर उठाने पर होता है. भारत अब सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए एक मार्च को कोलकाता में दो बार के चैंपियन वेस्टइंडीज का सामना करेगा, जो एक तरह से नॉकआउट मुकाबला होगा.

अर्शदीप जानते हैं कि उनके सामने आगे क्या चुनौती है उन्होंने कहा, ‘‘वेस्टइंडीज ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बीच के ओवरों में अच्छा प्रदर्शन किया इसलिए मुझे लगता है कि वे भी स्थिति के अनुसार खुद को ढाल सकते हैं, लेकिन हम विकेट और परिस्थितियों को देखकर अपनी रणनीति बनाएंगे.



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