झाबुआ के सारंगी में मामेरा की रस्म के दौरान दूल्हे की मां का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। घटना गुरुवार दोहपर की है। मृतका की पहचान गायत्री पाटीदार के रूप में हुई है। गुरुवार देर शाम महिला का अंतिम संस्कार किया गया। भाई को याद कर फूट-फूटकर रोईं, बीपी हुआ लो दरअसल, बेटे गोलू की विवाह रस्म के बाद गुरुवार को रिसेप्शन रखना गया। इसी दौरान मृतका के मायके वाले ‘मामेरा’ की रस्म के लिए पहुंचे थे। परंपरा के मुताबिक, गायत्री पाटीदार अपने मायके वालों का स्वागत करने के लिए आगे बढ़ीं। अपने भतीजे को गले लगाकर वह भावुक हो गई। उन्हें गले लगाकर वह रोने लगी। उनका बीपी लो रहता था। शादी की व्यस्तता के कारण अपनी दवा लेना भूल गई थीं। अत्यधिक रोने और मानसिक तनाव के कारण उनका रक्तचाप अचानक गिर गया। बीपी की दवाइयों का चल रहा था कोर्स रक्तचाप में अचानक गिरावट के कारण उन्हें दिल का दौरा पड़ा। विवाह के खुशी के माहौल में अचानक चीख-पुकार मच गई और गायत्री पाटीदार का निधन हो गया। परिजनों के अनुसार, गायत्री देवी का रक्तचाप (बीपी) की दवाइयों का कोर्स चल रहा था, लेकिन विवाह की व्यस्तता और भागदौड़ के चलते वे अपनी दवा लेना भूल गई थीं। भाई की याद में अत्यधिक रोने और मानसिक तनाव के कारण उनका बीपी लो हो गया और उन्हें दिल का दौरा पड़ा। हॉस्पिटल ले जाने पर मृत घोषित अचानक तबीयत बिगड़ने पर गायत्री पाटीदार को परिवार वाले अस्पताल लेकर पहुंचे। हालांकि जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मायके पक्ष की ओर से लाए गए मामेरा और चुनरी वस्त्र उनकी अर्थी पर ओढ़ाने पड़े।
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