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महाशिवरात्रि के बाद महाकाल के रिसेप्शन का आयोजन गुरुवार को उज्जैन में किया गया. नगर भोज के दौरान बारात भी निकली. सैकड़ों की संख्या मे श्रद्धालुओं के साथ भूत-प्रेत, पिशाच, डाकिनी और शाकिनी के वेष में शामिल हुए. बाबा को 56 भोग लगाया गया.
उज्जैन. विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल की नगरी में महाशिवरात्रि का उत्सव बड़े धूमधाम के साथ में बनाया गया. उसी के बाद नगर मे भव्य रिसेप्शन का भी आयोजन किया गया. इसमें नगरवासियों द्वारा भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह उत्सव के उपलक्ष्य में भव्य शिव बारात निकाली गई. धर्मनगर में निकली यह शिव बारात नगरकोट से प्रारंभ होकर छत्री चौक, गोपाल मंदिर होते हुए रिसेप्शन स्थल पर पहुंची.
शिव बारात की खासियत यह रही कि शास्त्रों में वर्णित शिव बारात की महिमा को सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया. श्रद्धालु अलग-अलग रूपों में सज-धज कर बारात में शामिल हुए. कोई भगवान शिव के प्रिय नंदी के रूप में नजर आया तो कोई भूत–प्रेत और गणों के स्वरूप में. शिव बारात में हजारों की संख्या में नगरवासी शामिल हुए और जगह-जगह पुष्पवर्षा कर बारात का स्वागत किया गया.
बारात में हाथी, घोड़े, बग्गियां, भूत मंडली शामिल
कार्यक्रम को लेकर समाजसेवी राजेश बाथम ने बताया कि बाबा श्री महाकालेश्वर मंदिर की शिवरात्रि के माह में रक्तसेन आरती और रक्त भंडार द्वारा यह भव्य आयोजन किया जाता है. यहां से नगरकोट स्थित गंगेश्वर महादेव से शिव बारात निकाली जाती है. बारात में महाकाल जी की पालकी, हाथी, घोड़े, बग्गियां, भूत मंडली और भोलेनाथ के स्वरूप शामिल रहते हैं. डीजे के साथ निकली इस बारात में जनसैलाब उमड़ पड़ा. यह आयोजन पिछले 26 वर्षों से लगातार किया जा रहा है और हर वर्ष श्रद्धालुओं का उत्साह और आस्था देखते ही बनती है.बाबा महाकाल की सवारी में शामिल होकर लोग भक्ति और उल्लास के साथ शिव विवाह उत्सव का आनंद लेते हैं.
पालकी में सवार हुए महाकाल
जैसे शादी-विवाह में रिश्तेदार दूल्हे की बारात में जमकर आतिशबाजी के साथ कई तरह स्वागत सत्कार करते हैं, वैसे ही महाशिवरात्रि के बाद नगर भोज के दौरान भगवान महाकाल की बारात निकाली गई. इसमें भगवान पालकी में सवार होकर दूल्हे रूप में सजे. बाबा महाकाल की बारात में 33 कोटी देवी देवताओं को निमंत्रण दिया गया था. बाबा महाकाल की बारात में श्रद्धालु भूत-प्रेत का रूप धर कर भी दिखाई दिए.
बड़ी चिलम लेकर बारात का आनंद लेते नजर आए.बाबा महाकाल की बारात में श्रद्धालु के साथ भूत-प्रेत, पिशाच, डाकिनी और शाकिनी के वेष में भक्त शामिल हुए और जमकर बारात का मजा लिया. डीजे की धुन पर डांस भी किया. हर विवाह के बाद भोजन कराया जाता है, वैसे ही महाशिवरात्रि के बाद महाकाल का नगर भोज (रिसेप्शन) हुआ. हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा का प्रसाद ग्रहण किया और आयोजन का आनंद लिया.
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Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 7 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across …और पढ़ें