परिजनों ने फिर उठाई कार्रवाई की मांग: कफ सिरप कांड में 24 मासूमों की मौत के बाद भी इंसाफ का इंतजार, ज्ञापन सौंपा – Chhindwara News

परिजनों ने फिर उठाई कार्रवाई की मांग:  कफ सिरप कांड में 24 मासूमों की मौत के बाद भी इंसाफ का इंतजार, ज्ञापन सौंपा – Chhindwara News




छिंदवाड़ा: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में कथित तौर पर कोल्ड्रिंफ कफ सिरप पीने से 24 मासूम बच्चों की मौत का मामला अभी भी परिजनों के लिए गहरे जख्म की तरह बना हुआ है। घटना के बाद हर किसी की आंखें नम हो गई थीं, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी पीड़ित परिवार इंसाफ के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। उनका आरोप है कि प्रशासन केवल आश्वासन दे रहा है, लेकिन दोषियों पर पूरी कार्रवाई अब तक नहीं हुई। परिजनों का कहना है कि बच्चों को यह कफ सिरप लिखने वाले दो डॉक्टरों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। आरोप है कि पुलिस को पर्याप्त सबूत दिए जाने के बावजूद दोनों डॉक्टरों के क्लीनिक खुलेआम चल रहे हैं और उनके खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। 10 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी एसआईटी
इस मामले में एसआईटी की टीम अब तक एक डॉक्टर समेत 10 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन बाकी आरोपियों पर कार्रवाई न होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़ित परिवारों का यह भी कहना है कि घटना के बाद उनके साथ खड़े होने का दावा करने वाले जनप्रतिनिधि अब नजर नहीं आ रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर मृत बच्चों के परिजन मंगलवार को एसडीएम कार्यालय पहुंचे और प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपकर दोषी डॉक्टरों पर जल्द कार्रवाई की मांग की। परिजनों ने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वे फिर से धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। 15 दिनों में कार्रवाई का दिया था आश्वासन
दरअसल, इससे पहले 17 फरवरी को पीड़ित परिवारों ने परासिया थाने के सामने अनिश्चितकालीन धरना देने की चेतावनी दी थी। उस समय प्रशासनिक अधिकारियों ने उनसे मुलाकात कर 15 दिनों के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया था। अब समय बीत जाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई न होने से परिजन फिर नाराज हैं और प्रशासन को दोबारा ज्ञापन देकर आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं। मृतक बच्चों के पिता सुरेश पिपरे ने कहा कि उनके बच्चे की मौत के बाद से परिवार पूरी तरह टूट चुका है, लेकिन अब तक दोषियों पर पूरी कार्रवाई नहीं हुई। वहीं निलेश सूर्यवंशी ने भी मांग की है कि जिन डॉक्टरों ने यह दवाई लिखी, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो। पीड़ित परिवारों का कहना है कि जब तक सभी जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक वे न्याय के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।



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