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खंडवा के मोरटक्का ब्रिज पर नर्मदा पुल तैयार है लेकिन एप्रोच रोड न बनने से ट्रैफिक शुरू नहीं हो सका. NHAI ठेकेदार ने ओंकारेश्वर फोरलेन का पेटी कांट्रेक्ट ले लिया और मशीनरी वहां लगा दी. इससे काम डेढ़ साल से ठप है. लोड टेस्टिंग पास हो चुकी है. अप्रैल तक 145 किमी हिस्सा खुल सकता है. इस बड़ी गड़बड़ी से क्षेत्रीय विकास प्रभावित है. लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बचा हुआ काम जल्द पूरा कराएं.
खंडवा में लोगों ने काम रोकने पर नाराजगी जताई है.
खंडवा. जिले में मोरटक्का ब्रिज से सफर अभी भी अटका हुआ है. नर्मदा नदी पर बना नया पुल तैयार हो चुका है और लोड टेस्टिंग पास कर चुका है, लेकिन एप्रोच रोड (पहुंच मार्ग) का काम अधूरा होने से पुल पर ट्रैफिक शुरू नहीं हो पा रहा है. NHAI के मुख्य ठेकेदार ने इंदौर-एदलाबाद कॉरिडोर के काम में लापरवाही बरती है. ठेकेदार ने मध्य प्रदेश सरकार के ओंकारेश्वर फोरलेन प्रोजेक्ट का पेटी कांट्रेक्ट ले लिया और अपनी अधिकांश मशीनरी वहां शिफ्ट कर दी. इससे मोरटक्का ब्रिज के एप्रोच रोड का निर्माण पिछले डेढ़ साल से लगभग ठप है. 2024 लोकसभा चुनाव के बाद काम और धीमा हो गया. स्थानीय लोग और यात्रियों को पुराने जर्जर पुल से गुजरना पड़ रहा है जहां जाम और हादसे आम हैं. यह देरी इंदौर-हैदराबाद (इच्छापुर-एदलाबाद) कॉरिडोर पर सीधा असर डाल रही है जिससे निमाड़-मालवा और महाराष्ट्र के बीच व्यापार और परिवहन प्रभावित हो रहा है. NHAI की इंदौर यूनिट की कमजोर मॉनिटरिंग भी इस समस्या की बड़ी वजह बनी है. उच्च स्तर से फटकार के बाद अब कुछ तेजी आई है लेकिन प्रोजेक्ट पहले से दो साल पीछे चल रहा है.
यह स्थिति न केवल यात्रियों के लिए परेशानी का सबब है बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी रोक रही है. मोरटक्का ब्रिज इंदौर-खंडवा-इच्छापुर-एदलाबाद फोरलेन का महत्वपूर्ण हिस्सा है. पुल का काम 2018 में शुरू हुआ था और लागत 600 करोड़ रुपये से अधिक है. धनगांव से बलवाड़ा तक 40 किमी हिस्सा खंडवा यूनिट को सौंपा गया है जिससे कुछ प्रगति हुई लेकिन एप्रोच रोड का काम अभी भी लंबित है. अगर समय पर सख्त मॉनिटरिंग होती तो प्रोजेक्ट दो साल पहले पूरा हो जाता. अब लोग इंतजार कर रहे हैं कि एप्रोच रोड जल्द बनकर तैयार हो और पुल पर वाहन दौड़ सकें. हाल की रिपोर्ट्स के अनुसार पुल की एक लेन शनिवार से ट्रैफिक के लिए खुल सकती है लेकिन एप्रोच रोड की कमी से पूरा लाभ नहीं मिल पाएगा. अप्रैल तक बलवाड़ा-शाहपुर 145 किमी हिस्सा खुलने की उम्मीद है. यह देरी क्षेत्र की जनता के लिए बड़ा झटका है जहां पुराना पुल बारिश में बंद हो जाता था.
मोरटक्का ब्रिज तैयार लेकिन एप्रोच रोड ने रोका ट्रैफिक
नर्मदा पर 1275 मीटर लंबा 6 लेन ब्रिज अंतिम चरण में है. बुधवार को लोड टेस्टिंग सफल रही और पुल सुरक्षित पाया गया. NHAI अधिकारियों के अनुसार शनिवार से एक लेन से हल्के-भारी वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकती है. तीन महीने बाद दूसरी लेन भी खुल जाएगी. लेकिन एप्रोच रोड न बनने से पुल का इस्तेमाल सीमित रहेगा. पुल के बाद बड़वाह की ओर कनेक्टिविटी अभी पुराने रोड से है.
ठेकेदार की लापरवाही और ओंकारेश्वर रोड पर फोकस
नागपुर की केदारेश्वर कंपनी मुख्य ठेकेदार है. उसने ओंकारेश्वर फोरलेन प्रोजेक्ट का पेटी कांट्रेक्ट ले लिया और मशीनरी वहां लगा दी. इससे NHAI प्रोजेक्ट में मशीनरी की कमी हो गई. पिछले डेढ़ साल में सिर्फ 20% प्रगति हुई. चुनाव के बाद काम ठप रहा. स्थानीय लोग कहते हैं कि मजबूत मॉनिटरिंग से यह समस्या नहीं होती.
इंदौर-हैदराबाद कॉरिडोर पर प्रभाव और यात्रियों की मुश्किलें
यह कॉरिडोर मध्य प्रदेश-महाराष्ट्र-तेलंगाना को जोड़ता है. देरी से व्यापार, परिवहन और पर्यटन प्रभावित है. खंडवा, बड़वाह, ओंकारेश्वर, इंदौर के लोग पुराने पुल से गुजरते हैं जहां जाम और हादसे होते हैं. नया पुल शुरू होने पर सफर 3-4 घंटे से घटकर 2 घंटे में पूरा होगा. बुरहानपुर से इंदौर भी 3 घंटे में हो जाएगा. NHAI ने उच्च स्तर पर फटकार के बाद काम तेज किया है. धनगांव-बलवाड़ा हिस्सा तेजी से चल रहा है. अप्रैल 2026 तक 145 किमी बलवाड़ा-शाहपुर खुल सकता है. एप्रोच रोड का काम प्राथमिकता में है. स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ट्रैफिक शुरू होगा. यह प्रोजेक्ट क्षेत्र के लिए गेम चेंजर साबित होगा.
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सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें