कैसे होता हैं नेट रन रेट का कैलकुलेशन, किन बातों से तय होता हैं गणित

कैसे होता हैं नेट रन रेट का कैलकुलेशन, किन बातों से तय होता हैं गणित


नई दिल्ली. आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सेमीफाइनल की दौड़ अब और तेज हो गई है, क्योंकि दोनों ग्रुप में सिर्फ दो ही जगहें बची हैं. सुपर 8 स्टेज अपने आखिरी दौर में है और अब सिर्फ एक राउंड के मैच बाकी हैं. हर टीम ने कम से कम दो-दो मैच खेल लिए हैं. दो टीमें पहले ही सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई कर चुकी हैं, जबकि दो टीमें बाहर हो चुकी हैं. बाकी दो जगहों के लिए चार टीमें मुकाबले में बनी हुई हैं.

क्वालीफिकेशन की जंग आखिरी पलों तक पहुंच गई है, ऐसे में नेट रन रेट का रोल अहम हो गया है. हर टीम सिर्फ दो अंक हासिल करने के लिए ही नहीं, बल्कि अपना नेट रन रेट सुधारने के लिए भी जीतना चाहती है, ताकि अगर अंक बराबर हो जाएं तो उन्हें फायदा मिल सके. इसका मतलब है कि एक बड़ी हार या बड़ी जीत तय कर सकती है कि कौन सी टीम नॉकआउट में पहुंचेगी या बाहर हो जाएगी.

क्रिकेट में नेट रन रेट की इतनी चर्चा क्यों हो रही है?

क्रिकेट टूर्नामेंट्स में, खासकर आईपीएल या वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट्स में, नेट रन रेट (NRR) सबसे बड़ा टाई-ब्रेकर होता है. जब दो या दो से ज्यादा टीमें लीग स्टेज में बराबर अंक पर रहती हैं, तो NRR के आधार पर तय होता है कि कौन सी टीम ऊपर रहेगी. अक्सर यही तय करता है कि कौन सी टीम सेमीफाइनल या प्लेऑफ में जाएगी और कौन बाहर होगी.

क्रिकेट में नेट रन रेट कैसे निकाला जाता है?

नेट रन रेट (NRR) निकालने के लिए टीम के प्रदर्शन को देखा जाता है. यह टीम के प्रति ओवर बनाए गए औसत रन और प्रति ओवर दिए गए औसत रन के बीच का अंतर होता है. अगर कोई टीम अपने पूरे ओवर खत्म होने से पहले ऑल आउट हो जाती है (जैसे 20 ओवर के मैच में 15 ओवर में ऑल आउट हो गई), तो फिर भी पूरे 20 ओवर को ही गिना जाता है. इससे टीम को जल्दी आउट होने का नुकसान होता है और वे रन रेट ‘बचाने’ के लिए जल्दी आउट नहीं हो सकतीं.

गेंदबाजी करने वाली टीम के लिए सिर्फ असल में फेंके गए ओवर ही गिने जाते हैं. लेकिन अगर कोई टीम 12 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लेती है, तो उसके ‘ओवर्स फेस्ड’ में वही 12 ओवर गिने जाएंगे, जिससे उसका NRR काफी बढ़ जाता है.

NRR = (कुल बनाए गए रन ÷ कुल खेले गए ओवर) − (कुल दिए गए रन ÷ कुल फेंके गए ओवर)

स्टेप 1: नेट रन रेट की गणना: पहली टीम द्वारा बनाए गए कुल रन को टीम के द्वारा खेले गए कुल ओवर से विभाजित करें, इससे उसका रन रेट पता चलेगा.

स्टेप 2: विरोधी टीम का नेट रन रेट: विरोधी टीम द्वारा दिए गए कुल रन को पहली टीम द्वारा फेंके गए कुल ओवर से विभाजित करें.

स्टेप 3: पहली टीम का रन रेट − विपक्षी टीम का रन रेट = नेट रन रेट.

अपवाद नियम: जब कोई टीम ऑल आउट हो जाती है

अगर कोई टीम अपने ओवर पूरे करने से पहले ऑल आउट हो जाती है, तो पूरे ओवर की गिनती की जाती है. उदाहरण के लिए, टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका मैच में, भारत ने 18.5 ओवर में 111 रन बनाए जबकि दक्षिण अफ्रीका ने 20 ओवर में 187 रन बनाए. अगर अपवाद नियम लागू नहीं होता, तो भारत का नेट रन रेट (111 ÷ 18.5) – (187 ÷ 20) = -3.35 होता.

लेकिन चूंकि भारत ऑल आउट हो गया था, इसलिए उसके पूरे 20 ओवर गिने जाएंगे और नई गणना होगी (111 ÷ 20) – (187 ÷ 20) = -3.8 (जिम्बाब्वे के मैच से पहले भारत का नेट रन रेट).



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