जबलपुर में हाथरस, कानपुर के गुलाल की धूम, भगवा रंग की भारी डिमांड, पक्के रंग से मोह भंग!

जबलपुर में हाथरस, कानपुर के गुलाल की धूम, भगवा रंग की भारी डिमांड, पक्के रंग से मोह भंग!


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Jabalpur Holi Market: शहर के प्रसिद्ध गलगला मार्केट में इस बार व्यापारियों के चेहरे खिले हुए हैं. पक्के केमिकल रंगों को दरकिनार कर इस बार लोग ‘हर्बल गुलाल’ पर भरोसा जता रहे हैं. बाजार में सबसे ज्यादा मांग ‘भगवा गुलाल’ की देखी जा रही है,

Jabalpur News: होली में अब चंद दिन ही बाकी हैं. वहीं, जबलपुर के बाजारों में रंगों का उत्साह चरम पर है. शहर के प्रसिद्ध गलगला मार्केट में इस बार व्यापारियों के चेहरे खिले हुए हैं. पक्के केमिकल रंगों को दरकिनार कर इस बार लोग ‘हर्बल गुलाल’ पर भरोसा जता रहे हैं. बाजार में सबसे ज्यादा मांग ‘भगवा गुलाल’ की देखी जा रही है, जिसकी वजह से दुकानदारों को अब स्टॉक खत्म होने का डर सताने लगा है.

गलगला क्षेत्र के थोक व्यापारी विनोद जायसवाल ने बताया कि इस बार मार्केट पिछले सालों की तुलना में काफी बेहतर है. उन्होंने बताया कि इस साल मुख्य रूप से हाथरस और कानपुर से गुलाल की बड़ी खेप मंगवाई गई है. यह गुलाल पूरी तरह से सुरक्षित और हर्बल है. इसे आरारोट में प्राकृतिक रंग मिलाकर तैयार किया गया है, जो त्वचा को बिल्कुल भी नुकसान नहीं पहुंचाता हैं.

80 रुपए किलो में मिल रहा हर्बल गुलाल
दामों की बात करें तो इस बार ग्राहकों की जेब पर बोझ कम पड़ रहा है. थोक बाजार में गुलाल के भाव ₹80 प्रति किलो के आसपास हैं. कम रेट में बेहतर क्वालिटी मिलने के कारण ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ रही है. उन्होंने बताया गुलाल की बिक्री का आलम यह है कि रोजाना 10 से 15 बोरी गुलाल तो सिर्फ उड़कर यानी हाथों-हाथ बिक रहा है. यूं तो बाजार में पीला, नीला, पैरेट ग्रीन और गुलाबी गुलाल की दर्जनों वैरायटी मौजूद हैं, लेकिन जबलपुरिया इस बार ‘भगवा’ रंग के दीवाने नजर आ रहे हैं.

पक्के रंगों से तौबा, गेरू का बढ़ा चलन
जबलपुर के मार्केट में इस बार एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है. शहर में अब पक्के रंगों का ट्रेंड लगभग खत्म हो गया है. लोग अब त्वचा की सुरक्षा को लेकर अलर्ट देखे जा रहे हैं.  यही वजह है कि कलर की बिक्री गुलाल के मुकाबले बेहद कम है. लोग अब गेरू और गुलाल से पारंपरिक तरीके से होली खेलना ज्यादा पसंद कर रहे हैं. जिसका असर मार्केट में देखने को मिल रहा है.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें



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