1.80 करोड़ का नया टेंडर, तब शुरू होगी कार्रवाई: 8.21 करोड़ के कैमरे लगे,साइनेज गायब 4 माह से रॉन्ग साइड चालान शुरू नहीं – Gwalior News

1.80 करोड़ का नया टेंडर, तब शुरू होगी कार्रवाई:  8.21 करोड़ के कैमरे लगे,साइनेज गायब 4 माह से रॉन्ग साइड चालान शुरू नहीं – Gwalior News



शहर में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए लगाए गए 410 सीसीटीवी कैमरे 4 महीने बाद भी रॉन्ग साइड वाहन चालकों पर कार्रवाई शुरू नहीं कर पाए हैं। 8.21 करोड़ रुपए की स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत अक्टूबर में कैमरे लगा दिए गए, इंटरनेट और डेटा फीडिंग भी पूरी ह

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इसका मुख्य कारण जिम्मेदार अधिकारियों की प्लानिंग में बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। वन-वे चिन्हित मार्गों पर कैमरे तो लग गए लेकिन इन पर संकेतक पर ध्यान नहीं दिया। अब वन-वे मार्गों पर साइनेज लगाने के नाम पर नगर निगम ने सड़कों पर रोड मार्किंग, रोड पार्किंग सभी कार्यों के लिए 1.80 करोड़ का टेंडर कर दिया। लेकिन यह काम भी अभी शुरू नहीं हो सका है।

शहर के प्रमुख चिन्हित मार्ग यह कैमरे शहर में अपराध व ट्रैफिक नियंत्रण में अहम भूमिका निभाएंगे। इन व्यवस्था के लिए पुलिस ने 58 स्थान चिन्हित कर स्मार्ट सिटी को दिए थे। इस व्यवस्था से अब कहीं से भी कोई वाहन रॉन्ग साइट नहीं निकल पाएगा, यह कैमरे अक्टूबर में लग गए थे।

पुलिस रॉन्ग साइड वाहनों पर नियंत्रण के साथ ही आपराधिक घटनाओं के बाद बदमाशों का रूट ट्रैक करने के लिए भी इन कैमरों का उपयोग कर रही है। स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ने शहर की 107 लोकेशन पर 410 बुलेट और पीटी जेड कैमरा ( पैन टिल्ट जूम कैमरा) लगाने के साथ ही उसमें इंटरनेट व डाटा भी फीड कर दिया है। कंपनी से 5 साल तक इन कैमरों का मेंटेनेंस भी करेगी।

तीन विभाग की लापरवाही, जिन्होंने नहीं निभाई जिम्मेदारी

  • स्मार्ट सिटी: 410 कैमरे लगाने और नेटवर्क तैयार करने वाली एजेंसी को काम दिया। कंपनी ने कैमरे तो लगा दिए और इंटरनेट व डेटा फीडिंग भी पूरी कर दी, लेकिन वन-वे मार्गों पर साइनेज और रोड मार्किंग की योजना पहले से नहीं बनाई। कैमरों को ट्रैफिक नियंत्रण के लिए पूरी तरह तैयार करने में यह प्राथमिक जिम्मेदारी है।
  • निगम निगम: शहर में रोड मार्किंग, पार्किंग लाइन और साइनेज का काम नगर निगम के जिम्मे था। चार महीने तक यह कार्य नहीं शुरू हुआ। अब 1.80 करोड़ का टेंडर जारी किया गया है। यानी नगर निगम ने भी पहले निर्धारित समय पर काम नहीं कराया, जिससे तकनीक होने के बावजूद कार्रवाई नहीं हो सकी।
  • ट्रैफिक पुलिस: ट्रैफिक पुलिस ने 58 स्पॉट चिन्हित किए थे और रॉन्ग साइड वाहनों पर कार्रवाई के लिए कैमरों का उपयोग करना था। हालांकि फुटेज का उपयोग अपराध जांच में हुआ, लेकिन ट्रैफिक नियंत्रण में कार्रवाई शुरू कराने में पुलिस और प्रशासनिक समन्वय में देरी रही।

सीसीटीवी कैमरों ने काम शुरू किया, हवाला कलेक्शन एजेंट से लूट के सुराग भी दिए कैमरे लगाने वाली कंपनी को प्रोजेक्ट को 31 दिसंबर तक पूरा करने का टारगेट दिया गया था। कंपनी का दावा है कि कैमरे लग चुके हैं और उनमें इंटरनेट, डाटा सहित सभी तकनीकी काम पूरे हो चुके हैं। दो दिन पूर्व कंपू क्षेत्र में लूट के मामले में भी बदमाशों के फुटेज इन्हीं कैमरों से मिले। कैमरों के लिए 107 लोकेशन तय की गई थीं, इनमें पुलिस विभाग ने 58 लोकेशन, नगर निगम ने 30 लोकेशन और स्मार्ट सिटी ने 19 लोकेशन पर कैमरे लगवाए हैं।

साइनेज लगने के बाद शुरू हो सकेंगे चालान सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम पूरा हो गया है। कैमरों ने काम कर रहे है। पुलिस को कंपू के एक केस में फुटेज भी दिए थे। रॉन्ग साइड वाहनों पर कार्रवाई वन-वे मार्गों पर साइनेज न होने के कारण शुरू नहीं हुई है। नगर निगम को यह काम करा रहा है, जल्द कैमरे रॉन्ग साइड वाहनों पर कार्रवाई शुरू कर देंगे। -नागेंद्र सक्सेना, ई-गवर्नेंस मैनेजर, स्मार्ट सिटी परियोजना

साइनेज के टेंडर हो गए शहर में सड़कों पर रोड मार्किंग, पार्किंग लाइन सहित सभी तरह के साइनेज के लिए 1.80 करोड़ का टेंडर हो गया है। वन-वे मार्गों पर साइनेज का काम जल्द शुरू हो जाएगा। -अमित गुप्ता, सहायक यंत्री ट्रैफिक सेल, नगर निगम



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