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Gwalior News: ग्वालियर में बच्चों की कस्टडी से जुड़े मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने फैमिली कोर्ट, दतिया के आदेश को रद्द कर नाबालिग की कस्टडी उसके दादा को सौंप दी. कोर्ट ने माना कि दादा, जो सरकारी शिक्षक हैं, बच्चे के पालन-पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य की जिम्मेदारी निभाने में सक्षम हैं.
ग्वालियर में बच्चों की कस्टडी को लेकर एक अहम फैसला सामने आया है. हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने फैमिली कोर्ट, दतिया के आदेश को निरस्त करते हुए नाबालिग बच्चे की कस्टडी उसके दादा को सौंप दी है. यह फैसला न्यायमूर्ति आनंद पाठक और न्यायमूर्ति अनिल वर्मा की खंडपीठ ने सुनाया है. अदालत ने साफ किया कि किसी भी मामले में बच्चे का सर्वोपरि हित ही कस्टडी तय करने का आधार होना चाहिए. बच्चों के पालन-पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के लिए अदालत ने यह फैसला लिया. खंडपीठ ने माना कि बच्चे के दादा सरकारी शिक्षक हैं और उनके पास नाबालिग के पालन-पोषण के लिए पर्याप्त संसाधन और क्षमता उपलब्ध हैं.
बता दें, कोर्ट के मुताबिक, बच्चे के पिता नहीं थे, उसकी मां ने दूसरी शादी की थी. तब से बच्चा अपने दादा के साथ रह रहा था. महिला ने दूसरी शादी के बाद अपने बच्चे को छोड़ दिया था. अब महिला ने अपना दूसरा घर भी छोड़ दिया है. ऐसे में इस स्थिति में बच्चे को बुरा असर पड़ सकता है. इसलिए बच्चे की कस्टडी उसके दादा को देनी चाहिए. वहीं, बच्चा काफी समय से अपने दादा के साथ रह रहा है.
फैमिली कोर्ट का आदेश
अदालत ने फैमिली कोर्ट के उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसमें बच्चे की कस्टडी माता को सौंपने का फैसला लिया गया था. खंडपीठ ने साफ किया कि कस्टडी का फैसला केवल माता-पिता के आधार पर नहीं, बल्कि बच्चे के मानसिक, शारीरिक और सामाजिक हित को ध्यान में रखकर लिया जाना चाहिए. इस फैसले में यह भी जिक्र किया गया कि बच्चे के दादा-परदादा के पास बच्चे को सुरक्षित, स्थिर और पोषणयुक्त वातावरण देने की पूरी क्षमता है. अदालत ने यह सुनिश्चित किया कि बच्चे की देखभाल और सुरक्षा में कोई कमी न रह जाए और उसे उसका हक और पालन-पोषण पूरी तरह से मिले.
इस फैसले से यह साफ संदेश गया कि परिवारिक विवादों में भी बच्चों का सर्वोपरि हित सर्वोच्च प्राथमिकता है. ग्वालियर हाईकोर्ट का यह निर्णय भविष्य में इसी तरह के मामलों में मानक स्थापित कर सकता है. इस मामले में दादा ने कहा कि वे बच्चे की देखभाल पूरी जिम्मेदारी और प्रेम के साथ करेंगे और अदालत के निर्देशों का पालन करेंगे. इससे बच्चे के हित में स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित होगी.
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Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें